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सेना और बीआरओ ने मिलकर तैयार किया वैकल्पिक बिरमा वैली पुल
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उधमपुर। बिरमा पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद सेना और बीआरओ ने मिलकर वैकल्पिक वैली पुल तैयार कर दिया है। इस पुल पर मंगलवार को ट्रायल के बाद जनता के लिए खोल दिया जाएगा। डीसी इंदु कंवल चिब ने सोमवार को क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान सैन्य अधिकारियों ने बताया कि सोमवार शाम तक पुल तैयार हो जाएगा है। इसके बाद मंगलवार को यातायात बहाल हो सकता है। हालांकि इस पुल पर लोड कैरियर वाहन को चलाना अभी संभव नहीं होगा।
दस दिन पहले बिरमा पुल का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर नाले में गिर गया था। तीन दिन बाद बीआरओ ने मरम्मत करने के बाद पुल को खोला था, लेकिन 24 घंटे में ही फिर से एक हिस्सा फिर से क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद इस पुल को बीआरओ ने असुरक्षित घोषित कर दिया। वाहनों की आवाजाही के लिए बीआरओ ने वैली पुल की योजना तैयार की और इसके लिए सेना से भी मदद ली गई। सेना और बीआरओ ने बैली पुल का काम शुरू कर दिया है। सोमवार शाम तक पुल के तैयार होने की संभावना है। डीसी ने सुबह क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। इस मौके पर सैन्य अधिकारियों ने बताया कि पुल के बनने के बाद मेटाडोर, छोटे चार पहिया और दोपहिया वाहन बिना परेशानी के आवाजाही कर सकेंगे। लोड़ कैरियर वाहन को चलाने के लिए पहले कई बार ट्रायल करना होगा, जिसके बाद यातायात को बहाल किया जाएगा।
उधर, पुल से वाहनों की आवाजाही बंद होने के कारण दिनभर लोग परेशान रहे। यात्री वाहन फ्लाटा के रास्ते फोरलेन राजमार्ग से होकर ही शहर पहुंचे सके हैं। कटड़ा, रियासी, जम्मू, गढ़ी, रैंबल, जिब, थाती सहित अन्य रूट पर फोरलेन राजमार्ग से होकर ही आवाजाही की। पुल बनने के बाद मंगलवार को बैली पुल पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो सकती है।
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दस दिन पहले बिरमा पुल का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर नाले में गिर गया था। तीन दिन बाद बीआरओ ने मरम्मत करने के बाद पुल को खोला था, लेकिन 24 घंटे में ही फिर से एक हिस्सा फिर से क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद इस पुल को बीआरओ ने असुरक्षित घोषित कर दिया। वाहनों की आवाजाही के लिए बीआरओ ने वैली पुल की योजना तैयार की और इसके लिए सेना से भी मदद ली गई। सेना और बीआरओ ने बैली पुल का काम शुरू कर दिया है। सोमवार शाम तक पुल के तैयार होने की संभावना है। डीसी ने सुबह क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। इस मौके पर सैन्य अधिकारियों ने बताया कि पुल के बनने के बाद मेटाडोर, छोटे चार पहिया और दोपहिया वाहन बिना परेशानी के आवाजाही कर सकेंगे। लोड़ कैरियर वाहन को चलाने के लिए पहले कई बार ट्रायल करना होगा, जिसके बाद यातायात को बहाल किया जाएगा।
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उधर, पुल से वाहनों की आवाजाही बंद होने के कारण दिनभर लोग परेशान रहे। यात्री वाहन फ्लाटा के रास्ते फोरलेन राजमार्ग से होकर ही शहर पहुंचे सके हैं। कटड़ा, रियासी, जम्मू, गढ़ी, रैंबल, जिब, थाती सहित अन्य रूट पर फोरलेन राजमार्ग से होकर ही आवाजाही की। पुल बनने के बाद मंगलवार को बैली पुल पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो सकती है।
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