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गर्भवती महिला की मौत से स्थानीय लोगों में भारी रोष
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किश्तवाड़। जिले के दूरदराज इलाके मचैल पाडर में 23 वर्षीय गर्भवती मधु देवी की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इससे मचैल निवासियों में जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के प्रति भारी रोष व्याप्त है।
जानकारी के अनुसार मचैल में इस समय भारी बर्फबारी के कारण गर्भवती महिला को किश्तवाड़ या जम्मू शिफ्ट नहीं किया जा सका। बताया जाता है कि स्वास्थ्य व्यवस्था न होने के कारण महिला के गर्भ में ही शिशु की मौत हो गई थी। स्थानीय दाई ने प्रसव करवाना चाहा तो गर्भ में मरे शिशु को निकालने का प्रयास करने के दौरान महिला को नहीं बचाया जा सका।
इस संबंध में स्थानीय सामाजिक नेता रामसिंह चौहान, दिलजीत सिंह व अन्य ने बताया कि मचैल गांव में स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं हैं। एक आयुर्वेदिक वैध पूरे इलाके के लोगों का उपचार करता है। उपमंडल पाडर का यह इलाका इन दिनों देश से कटा हुआ है। इसी वर्ष जुलाई के माह में बादल फटने के बाद पूरे इलाके में बिजली भी बंद हो गई है। बर्फबारी होने के बाद हेलीकाप्टर सेवा भी इस वर्ष नहीं लगाई गई। मोबाइल काम नहीं कर रहे हैं। स्थानीय लोगों की मांग है कि हेलीकाप्टर सेवा दी जाए। साथ ही स्वास्थ्य सेवाएं स्थानीय लोगों को मिलें।
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जानकारी के अनुसार मचैल में इस समय भारी बर्फबारी के कारण गर्भवती महिला को किश्तवाड़ या जम्मू शिफ्ट नहीं किया जा सका। बताया जाता है कि स्वास्थ्य व्यवस्था न होने के कारण महिला के गर्भ में ही शिशु की मौत हो गई थी। स्थानीय दाई ने प्रसव करवाना चाहा तो गर्भ में मरे शिशु को निकालने का प्रयास करने के दौरान महिला को नहीं बचाया जा सका।
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इस संबंध में स्थानीय सामाजिक नेता रामसिंह चौहान, दिलजीत सिंह व अन्य ने बताया कि मचैल गांव में स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं हैं। एक आयुर्वेदिक वैध पूरे इलाके के लोगों का उपचार करता है। उपमंडल पाडर का यह इलाका इन दिनों देश से कटा हुआ है। इसी वर्ष जुलाई के माह में बादल फटने के बाद पूरे इलाके में बिजली भी बंद हो गई है। बर्फबारी होने के बाद हेलीकाप्टर सेवा भी इस वर्ष नहीं लगाई गई। मोबाइल काम नहीं कर रहे हैं। स्थानीय लोगों की मांग है कि हेलीकाप्टर सेवा दी जाए। साथ ही स्वास्थ्य सेवाएं स्थानीय लोगों को मिलें।
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