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पानी की सुविधा नहीं मिलने पर फूटा गुस्सा
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उधमपुर/रामनगर। ब्लॉक घोरड़ी की हरतयान पंचायत के वार्ड तीन स्थित खरतेड़ा गांव के लोग आज भी पानी की सुविधा से महरूम हैं। ग्रामीण प्राकृतिक जलस्त्रोत से पानी गुजारा करने को मजबूर हैं। लेकिन बरसात में साफ पानी नहीं मिलने से उनके सब्र का बांध टूट गया। उन्होंने बुधवार को जलशक्ति विभाग के खिलाफ प्रदर्शन कर जल्द पानी की सुविधा मुहैया करवाने की मांग की है।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि आजतक जलशक्ति विभाग की ओर से गांव में पीने का पानी उपलब्ध करवाने का प्रबंध नहीं किया गया है। सुविधा से महरूम ग्रामीण डेढ़ किलोमीटर पैदल सफर कर नदी-नालों से पानी ढोने को मजबूर हैं। लेकिन बरसात का सीजन शुरू होते ही नदी-नालों का जलस्तर काफी बढ़ गया है।
ऐसे में लोगों के लिए पानी का प्रबंध करना काफी कठिन हो गया है। रवि कुमार ने कहा कि खरतेड़ा गांव में पीने के पानी का कोई प्रबंध नहीं है। अभी भी ग्रामीण नदी के दूसरी ओर स्थित प्राकृतिक जलाशय से पानी ढोकर गुजारा करते हैं। लेकिन मौजूदा समय में नदी का जलस्तर बढ़ने से दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। लोगों को सरकारी योजनाओं का कोई लाभ नहीं मिल रहा है। प्रशासनिक दावे जमीनी स्तर पर खोखले साबित हो रहे हैं। इसलिए जिला प्रशासन से मांग है कि गांव में पीने का साफ पानी मुहैया करवाने का उचित प्रबंध किया जाए अन्यथा लोग उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
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प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि आजतक जलशक्ति विभाग की ओर से गांव में पीने का पानी उपलब्ध करवाने का प्रबंध नहीं किया गया है। सुविधा से महरूम ग्रामीण डेढ़ किलोमीटर पैदल सफर कर नदी-नालों से पानी ढोने को मजबूर हैं। लेकिन बरसात का सीजन शुरू होते ही नदी-नालों का जलस्तर काफी बढ़ गया है।
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ऐसे में लोगों के लिए पानी का प्रबंध करना काफी कठिन हो गया है। रवि कुमार ने कहा कि खरतेड़ा गांव में पीने के पानी का कोई प्रबंध नहीं है। अभी भी ग्रामीण नदी के दूसरी ओर स्थित प्राकृतिक जलाशय से पानी ढोकर गुजारा करते हैं। लेकिन मौजूदा समय में नदी का जलस्तर बढ़ने से दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। लोगों को सरकारी योजनाओं का कोई लाभ नहीं मिल रहा है। प्रशासनिक दावे जमीनी स्तर पर खोखले साबित हो रहे हैं। इसलिए जिला प्रशासन से मांग है कि गांव में पीने का साफ पानी मुहैया करवाने का उचित प्रबंध किया जाए अन्यथा लोग उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
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