जम्मू-कश्मीरः जहर उगल रहीं फैक्ट्रियां, आक्रोशित लोगों ने किया विरोध प्रदर्शन
जम्मू-कश्मीर में उधमपुर जिले के बट्टल बालियां स्थित औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्रियों से निकलने वाले धुएं व प्रदूषित कचरे के विरोध में पंचायत खरोडियां के सरपंच पूर्णचंद के नेतृत्व में ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन से मांग की कि प्रदूषण फैलाने वाले इन कारखानों को तत्काल बंद किया जाए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही इस समस्या का निवारण नहीं किया गया तो आगामी दिनों में परिवार सहित सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करने पर मजबूर हो जाएंगे।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे सरपंच पूर्णचंद ने कहा कि बट्टल बालियां क्षेत्र में जब औद्योगिक क्षेत्र बनाने का प्रस्ताव बना था तो उन्हें क्षेत्र के विकास होने की उम्मीद जगी थी, लेकिन सरकार ने यहां काफी संख्या में केवल कीटनाशक दवाइयों और सीमेंट, चूना आदि के कारखाने लगवाए। जो वर्तमान में लोगों की सेहत के लिए हानिकारक साबित हो रहे हैं।
बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक इन कारखानों से निकलने वाले कचरे व जहरीले धुएं से सांस संबंधी व अन्य गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। प्रतिदिन इन कारखानों से निकल रहे कचरे व धुएं के कारण क्षेत्र के वातावरण में हर समय काफी मात्रा में प्रदूषण फैला रहता है। लोगों को सांस लेने के लिए भी साफ हवा नहीं मिल पा रही है।
प्रदूषित हो रहे हैं जलस्रोत
सरपंच पूर्णचंद ने कहा कि लंबे अर्से से यहां के स्थानीय लोग इस समस्या से ग्रस्त हैं। इसके निवारण को लेकर कई बार संबंधित विभाग को भी अवगत कराया गया है, लेकिन आज तक इस समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
आसपास स्थित प्राकृतिक जलस्रोत भी फैक्ट्रियों से निकलने वाले कचरे के कारण प्रदूषित हो रहे हैं। उनके जानवर भी कारखानों से निकलने वाला कचरा व गंदे पानी के पीने की वजह से बीमार हो रहे हैं। सीमेंट कारखानों से निकलने वाला धुआं, आसपास स्थित लोगों के घरों में बनने वाले खाने में मिलकर प्रदूषित हो रहा है।
जिला प्रशासन से मांग है कि यहां के स्थानीय लोगों की समस्याओं को देखते हुए जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान किया जाए। इसके अलावा उप राज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू से अपील है कि घनी आबादी वाले क्षेत्र के बीचोंबीच स्थित इस औद्योगिक क्षेत्र को किसी अन्य जगह पर स्थानांतरित करने की योजना बनाकर लोगों को राहत पहुंचाई जाए।