{"_id":"632c26a65a8f59620464a371","slug":"after-kathua-bjp-setback-in-udhampur-lost-municipal-council-president-floor-test","type":"story","status":"publish","title_hn":"पल में गम में बदलीं खुशियां: उधमपुर में पलटी बाजी, रिजल्ट से पहले आया स्टे आर्डर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पल में गम में बदलीं खुशियां: उधमपुर में पलटी बाजी, रिजल्ट से पहले आया स्टे आर्डर
Thu, 22 Sep 2022 03:18 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, उधमपुर
अमर उजाला नेटवर्क, उधमपुर
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Thu, 22 Sep 2022 03:18 PM IST
सार
उधमपुर नगर परिषद के अध्यक्ष के लिए आज फ्लोर टेस्ट हुआ, लेकिन इसका रिजल्ट आने से पहले स्टे आर्डर आ गया है।
विज्ञापन
Udhampur
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कठुआ नगर परिषद में मिली हार के बाद उधमपुर में भाजपा पूरी ताकत के साथ मैदान में है। उधमपुर नगर परिषद के अध्यक्ष के लिए आज फ्लोर टेस्ट हुआ, लेकिन इसका रिजल्ट आने से पहले एडवोकेट दिनकर गुप्ता अपने साथियों के साथ स्टे आर्डर लेकर पहुंचे। उन्होंने सीईओ को आर्डर की कॉपी सौंपी। ऐसे में यह मामला अब कोर्ट के अधीन चला गया है।
विज्ञापन
सूत्रों का कहना है कि उधमपुर में नगर परिषद के अध्यक्ष के लिए हुए फ्लोर टेस्ट में 11 लोगों ने अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में वोट किया है, जबकि आठ लोगों ने डॉ. जोगेश्वर गुप्ता के समर्थन में अपना मत दिया। इससे विरोधी पक्ष में कुछ देर के लिए खुशी का माहौल देखा गया, जो पल भर में ही गम में बदल गया। स्टे ऑर्डर के आते ही स्थिति बदल गई। इस दौरान पक्ष-विपक्ष में नोकझोंक भी देखने को मिली।
विज्ञापन
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि नगर परिषद में 11 पार्षदों की तरफ से पेश किए अविश्वास प्रस्ताव में चार पार्षद भाजपा से रहे। इन्हें मनाने के लिए भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने पुरजोर कोशिश की है। इसके लिए व्हिप भी जारी किया गया था। बुधवार को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र रैना ने उधमपुर नप अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव में शामिल भाजपा के पार्षदों को पार्टी कार्यालय जम्मू बुलाया था।
विज्ञापन
सूत्रों की मानें तो चार पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव का आज भी समर्थन किया है। ऐसे में बागी पार्षदों के खिलाफ कार्रवाई की तलवार लटक गई है।