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गर्भपात नहीं, बच्चे को जना था
Udhampur
Updated Sun, 24 Mar 2013 05:32 AM IST
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रियासी। जिला अस्पताल के शौचालय से सोमवार को बरामद एक नवजात के मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। जांच में यह स्पष्ट हो गया कि यह मामला गर्भपात का नहीं, बल्कि बच्चे को अस्पताल के डाक्टर और महिला कर्मी के सहयोग से जन्म दिया गया था। चूकी अविवाहित युवती ने इसे जन्म दिया, इसलिए सामाजिक कलंक से बचने के लिए नवजात को शौचालय में फेंक दिया गया। पुलिस ने उस युवक को भी गिरफ्तार कर लिया है, जिसने युवती को गर्भवती किया। अब सोमवार को अस्पताल के दोषी डाक्टर और स्टाप की शिनाख्त की जाएगी। हालांकि शनिवार को भी कुछ स्टाप से पूछताछ की गई।
इस मामले में अस्पताल के कर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जांच से साफ हुआ कि बदनामी के डर से नवजात को शौचालय में फेंका गया था, लेकिन वह पाईप में फंस गया और मामले की पोल खुल गई। इस केस की सारी जिम्मेदारी पुलिस विभाग को सौंपी गई थी। पुलिस ने एक सप्ताह के भीतर ही युवती को गर्भवती करने वाले युवक को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि युवक का कुछ महीनों से युवती के साथ अवैध संबंध थे। युवती के गर्भवती होने पर अस्पताल में कार्यरत एक महिला कर्मचारी के सहयोग से बच्चे को जन्म दिया गया। इसमें एक डाक्टर और एक अन्य कर्मी ने भी सहयोग किया था। पुलिस ने आरोपी युवक को ज्योतीपुरम स्थित क्वार्टर नंबर ई-162 से और पीड़ित युवती को जम्मू स्थित उसके एक रिश्तेदार के घर से गिरफ्तार किया है। युवक के भाई को भी मदद करने के आरोप में पकड़ा गया है। दूसरी ओर डाक्टरों के तीन सदस्यीय एक बोर्ड द्वारा नवजात के पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट हुआ कि शौचालय के फ्लैश से नवजात की बरामदगी से बारह से छतीस घंटे पहले उसकी मौत हो चुकी थी। डीएसपी शफी ने बताया कि सोमवार को इस केस में शामिल सभी आरोपियों के नामों का खुलासा किया जाएगा। इनमें अस्पताल कर्मी भी शामिल हैं।
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इस मामले में अस्पताल के कर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जांच से साफ हुआ कि बदनामी के डर से नवजात को शौचालय में फेंका गया था, लेकिन वह पाईप में फंस गया और मामले की पोल खुल गई। इस केस की सारी जिम्मेदारी पुलिस विभाग को सौंपी गई थी। पुलिस ने एक सप्ताह के भीतर ही युवती को गर्भवती करने वाले युवक को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि युवक का कुछ महीनों से युवती के साथ अवैध संबंध थे। युवती के गर्भवती होने पर अस्पताल में कार्यरत एक महिला कर्मचारी के सहयोग से बच्चे को जन्म दिया गया। इसमें एक डाक्टर और एक अन्य कर्मी ने भी सहयोग किया था। पुलिस ने आरोपी युवक को ज्योतीपुरम स्थित क्वार्टर नंबर ई-162 से और पीड़ित युवती को जम्मू स्थित उसके एक रिश्तेदार के घर से गिरफ्तार किया है। युवक के भाई को भी मदद करने के आरोप में पकड़ा गया है। दूसरी ओर डाक्टरों के तीन सदस्यीय एक बोर्ड द्वारा नवजात के पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट हुआ कि शौचालय के फ्लैश से नवजात की बरामदगी से बारह से छतीस घंटे पहले उसकी मौत हो चुकी थी। डीएसपी शफी ने बताया कि सोमवार को इस केस में शामिल सभी आरोपियों के नामों का खुलासा किया जाएगा। इनमें अस्पताल कर्मी भी शामिल हैं।
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