फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   The low number of women in state

नारे नहीं, महिलाओं का लिंग अनुपात बढ़ाना होगा

Wed, 16 Mar 2016 05:12 PM IST
संजीव दुबे, अमर उजाला/जम्मू
संजीव दुबे, अमर उजाला/जम्मू Updated Wed, 16 Mar 2016 05:12 PM IST
विज्ञापन
The low number of women in state
बच्चा - फोटो : अमर उजाला

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, महिला सशक्तिकरण आदि आदि नारे तो देश में कई साल से लग रहे हैं, लेकिन वास्तविकता में लिंग अनुपात चाहे राष्ट्रीय स्तर पर हो या राज्य स्तर पर, लगातार सुधरने के बजाय कम होता जा रहा है।

विज्ञापन


जम्मू कश्मीर में तो महिलाओं का लिंग अनुपात राष्ट्रीय औसत 914 से भी कम होकर 859 तक पहुंच चुका है। जम्मू कश्मीर की इकोनामिक सर्वे रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार 2001 में रियासत में महिलाओं का लिंग अनुपात पुरुषों के मुकाबले में 941 था, जो कि राष्ट्रीय औसत 927 से बेहतर था।
विज्ञापन


2011 की जनगणना में जम्मू-कश्मीर में लिंग अनुपात गिरकर 859 तक पहुंच चुका है। रियासत की कुल जनसंख्या 1,25,48,296 करोड़ है। इसमें पुरुषों की जनसंख्या 66,65,561 है। महिलाओं की जन संख्या 58,83,365 ही है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


केंद्र सरकार की देखादेखी में रियासत में महिलाओं के लिंग अनुपात में गिरावट पर चिंता जताते हुए सरकार ने रियासत के कुल 22 जिलों में से सबसे कम जनसंख्या अनुपात वाले छह जिलों में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना शुरू की है।


इसके तहत एक अप्रैल 2015 के बाद जन्मी बेटियों को समाज कल्याण विभाग में पंजीकृत करवाने पर हर माह सरकार 1000 रुपये बेटी के खाते में डालेगी और बेटी जब 18 साल की होगी तो करीब छह लाख की राशि उसके खाते में होगी। हालांकि ऐसी योजनाओं का कितना लाभ लिंग अनुपात में सुधार लाने में मिलेगा यह तो अगली जनगणना में लिंग अनुपात के आंकड़ों में लग पाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed