घाटी में आतंकी कमांडरों की कमी से बौखलाए आतंकी संगठन
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सुरक्षा बलों की कार्रवाई से जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी संगठनों में स्थानीय कमांडरों की कमी हो गई है। नए कमांडर नहीं बनाए जा रहे हैं और सीमा पार से घुसपैठ की जा रही है। स्थानीय युवाओं को आतंकवाद के लिए तैयार किया जा रहा है।
सीमा पार आतंकी ट्रेनिंग के लिए भेजने की फिराक में नए रास्ते ढूंढे जा रहे हैं। जम्मू कश्मीर में आतंकी संगठनों में से हिजबुल मुजाहिदीन संगठन सबसे अधिक सक्रिय है। इस संगठन में सबसे अधिक स्थानीय युवा हैं, जबकि लश्कर-ए-तैयबा में पाक आतंकी सक्रिय हैं।
खुफिया विभाग से मिली सूचना के अनुसार पाक आतंकियों की संख्या कम हो गई है, जबकि स्थानीय युवाओं को भर्ती करने का अभियान जारी है। आतंकी बनने के लिए युवाओें को ट्रेनिंग देने के केंद्र भी नाममात्र रह गए हैं।
कई युवा सीमा पार जाने की फिराक में
ट्रेनिंग दिए जाने वाले ठिकानों को सुरक्षा बलों ने ध्वस्त कर दिया है, जबकि आतंकियों के खुफिया ठिकाने भी कम हुए हैं। स्लीपर सैल अभी तक सक्रिय हैं। जहां आतंकियों को समर्थन मिलता है। कुपवाड़ा में पिछले दिनों आतंकियों को राशि मुहैया कराने वाले समर्थक हिलाल अहमद को सुरक्षा बलों ने पकड़ा।
उसने खुलासा किया कि युवाओं की भर्ती जारी है। सीमा पार आतंकियों की सक्रियता बढ़ी है। इसे देखते हुए सुरक्षा बलों को भी मुस्तैद कर दिया गया है। सुरक्षा बलों ने सीमा पर चौकसी बढ़ा दी है। पुंछ क्षेत्र में पकड़े गए तीन युवाओं ने भी पुलिस को बताया कि कई युवा सीमा पार जाने की फिराक में हैं।
तीनों युवा भी आतंकी ट्रेनिंग लेने के लिए सीमा पार जा रहे थे। डीआईजी राजोरी-पुंछ जानी विलियम के अनुसार पकड़े गए युवाओं से महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। उनसे पूछताछ जारी है, जिसमें बड़े नए खुलासे हो सकते हैं।