J&K: 'कश्मीर ट्रेडर्स को राहत मिल सकती है, हस्तशिल्प उत्पादों पर जीएसटी 5 फीसदी करने की सिफारिश करेंगे', पीयूष
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने श्रीनगर में ट्रेडर्स कॉन्क्लेव के दौरान हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों पर जीएसटी 12% से घटाकर 5% करने की सिफारिश का आश्वासन दिया। जम्मू-कश्मीर में पैकेजिंग और डिजाइन के लिए उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने की भी घोषणा की।
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केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को जम्मू और कश्मीर में हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों पर लगाए गए वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में कमी की सिफारिश करने का वादा किया। उन्होंने कहा, हम इन वस्तुओं पर जीएसटी दर को 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने का प्रयास करेंगे। गौरतलब है कि अभी जम्मू-कश्मीर के ज्यादातर उत्पाद 12 प्रतिशत जीएसटी वाले स्लैब में आते हैं। दरें घटने से व्यापारियों को प्रोत्साहन मिलेगा।
केंद्रीय मंत्री रविवार को श्रीनगर में फेडरेशन ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (एफटीआईआई): ट्रेडर्स कॉन्क्लेव- 2025 को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, हस्तशिल्प और हथकरघा पर लगाए गए जीएसटी का मुद्दा दो या तीन प्रतिनिधिमंडलों ने मेरे सामने रखा था। मैंने सुझाव दिया है कि वे वित्त मंत्रालय के साथ-साथ मेरे पास एक आवेदन प्रस्तुत करें ताकि हम यह पता लगा सकें कि क्या राहत प्रदान की जा सकती है।जल्द खुलेगा पैकेजिंग और डिजाइन के लिए उत्कृष्टता केंद्र
जम्मू-कश्मीर में जल्द स्थापित होगा पैकेजिंग और डिजाइन उत्कृष्टता केंद्र
गोयल ने कहा, मेरे सामने पैकेजिंग इकाइयों की आवश्यकता को भी उठाया गया, जहां हस्तशिल्प, बागवानी वस्तुओं, पश्मीना शॉल और हथकरघा जैसे स्थानीय उत्पादों को बेहतर ढंग से बढ़ावा देने के लिए नए डिजाइन और प्रौद्योगिकियां पेश की जा सकें। जम्मू-कश्मीर को जल्द ही पैकेजिंग और डिजाइन के लिए उत्कृष्टता केंद्र मिलेगा।
1000 रुपये तक के उत्पादों पर 5% और ऊपर के उत्पादों पर 12% GST
भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान की जम्मू-कश्मीर शाखा के चेयरमैन सौरभ परगाल बताते हैं, हेंडीक्राफ्ट और हैंडलूम उत्पादों पर अभी दो स्लैब में जीएसटी लगाया जाता है। एक हजार रुपये के कम के उत्पादों पर पांच फीसदी, तो इससे ऊपर के उत्पादों से 12 फीसदी जीएसटी वसूला जाता है। कश्मीर के ज्यादातर उत्पाद 12 फीसदी वाले स्लैब में आते हैं। सभी उत्पादों के पांच फीसदी वाले स्लैब में आने से यहां के व्यापारियों को और ज्यादा प्रोत्साहन मिलेगा।कारीगरों को ज्यादा मुनाफा देना संभव होगा
कारीगरों की समस्या को लेकर केंद्रीय मंत्री से बैठक
पीयूष गोयल के साथ हमारी बैठक हुई थी। इसमें हमने उन्हें बताया कि एक हजार रुपये से ऊपर के हमारे जो उत्पाद हैं उनपर 12 फीसदी जीएसटी देना पड़ रहा है। इससे कारीगरों का मुनाफा कम हो जाता है। हमने इस विसंगति को दूर करने की जरूरत बताई। यह भी कहा कि जीएसटी कम होगा तो हम कारीगरों को ज्यादा मुनाफा दे पाएंगे। जावेद अहमद टेंगा, प्रेसिडेंट, कश्मीर चैंबर ऑफ काॅमर्स एंड इंडस्ट्री