जम्मू-कश्मीर: प्रदेश कैबिनेट में 10 साल बाद दो महिला मंत्री, सकीना इत्तू के साथ शमीमा फिरदौस भी शामिल
जम्मू-कश्मीर में करीब 10 साल बाद मंत्रिमंडल में दो महिला मंत्री होंगी। सकीना इत्तू के साथ शमीमा फिरदौस को जगह मिलने से महिला प्रतिनिधित्व बढ़ा है।
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प्रदेश मंत्रिमंडल में करीब 10 साल बाद दो महिलाएं कैबिनेट में मौजूद रहेंगी। प्रदेश सरकार ने मंत्री सकीना इत्तू के बाद अब शमीमा फिरदौस को मंत्रिमंडल में जगह दी है। इससे पहले 2016 में भाजपा-पीडीपी सरकार में महबूबा मुफ्ती मुख्यमंत्री थीं और उनके समय नेकां से आसिया नकाश और भाजपा से प्रिया सेठी को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था। प्रदेश में 90 विधायकों वाले सदन में इस समय चार महिला विधायक हैं। इनमें से सकीना इत्तू और शमीमा फिरदौस नेकां से जबकि शगुन परिहार और देवयानी राणा भाजपा से हैं।
विस चुनाव में 43 महिलाएं मैदान में थीं। इनमें सबसे ज्यादा 21 निर्दलीय, तीन नेकां, दो पीडीपी और एक-एक भाजपा व कांग्रेस से शामिल थीं। दूसरे दलों से भी महिलाओं ने भाग्य आजमाया था। भाजपा ने नगरोटा के उपचुनाव में देवयानी राणा को टिकट दिया और वे चुनाव जीत गईं। जम्मू-कश्मीर विधानसभा में महिलाओं की भागीदारी इस समय 4.44 प्रतिशत है। विधानसभा में चार महिलाओं में से अब दो मंत्रिमंडल में शामिल हैं जबकि दो अन्य सत्तापक्ष के विरोध में बहस करती नजर आएंगी।
- 2016 में भाजपा-पीडीपी सरकार में महबूबा की कैबिनेट में थीं दो महिला मंत्री
- अब जम्मू-कश्मीर विधानसभा के 90 सदस्यों में चार महिला विधायक
1996 से अब तक सकीना इत्तू रहीं सबसे ज्यादा बार मंत्री
जम्मू-कश्मीर विधानसभा के उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार पहली महिला मंत्री के तौर पर सकीना इत्तू का नाम दर्ज है। इत्तू पहली बार 1996 में मंत्री बनीं थीं। फारूक अब्दुल्ला की सरकार में उस समय उन्हें शिक्षा विभाग का राज्यमंत्री बनाया गया था। 1999 से 2002 तक पर्यटन और फ्लोरीकल्चर विभाग की राज्यमंत्री, 2009 से 2014 तक समाज कल्याण मंत्री और इस बार अब तक शिक्षा व स्वास्थ्य मंत्री की बागडोर संभालती रही हैं।