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पुलवामा के शहीदों को हमेशा याद रखेगा देश
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लेथपोरा में पुलवामा हमले की दूसरी बरसी पर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित करते अधिकारी और जवान।
- फोटो : SHRINAGAR
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पुलवामा। पुलवामा हमले की दूसरी बरसी पर रविवार को लेथपोरा स्थित सीआरपीएफ कैंप में शहीद 40 जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर अधिकारियों ने कहा कि देश इन वीर जवानों की शहादत को कभी भुला नहीं सकता।
इस समारोह में दिल्ली स्थित मुख्यालय से सीआरपीएफ महानिदेशक एपी माहेश्वरी समेत अनेक वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअली शामिल हुए। इसके अलावा घटना स्थल पर भी अफसरों ने शहीदों को नमन किया। इस मौके पर कश्मीर में सीआरपीएफ के आई (ऑपरेशन) दीपक रतन ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि दो बरस पहले हुए इस हमले के बाद सीआरपीएफ ने अपनी रणनीति में व्यापक बदलाव किया है। कश्मीर घाटी की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अपनी एसओपी, आरओपी में बदलाव किया गया है। हथियारों के साथ वाहनों को भी तकनीकि तौर पर अपग्रेड किया गया है। वाहनों को ऐसा बनाया गया है किसी हमले की स्थिति में कड़ाई से जवाब दिया जा सके। राष्ट्रीय राजमार्ग पर जवानों की संख्या में वृद्धि की गई है। सीसीटीवी, चेहरे की पहचान और ड्रोन से निगरानी बढ़ा दी गई है।
एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि पुलवामा हमले और अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पिछले दो सालों में कश्मीर घाटी में कानून-व्यवस्था की स्थिति पहले से बेहतर हुई है। आतंकी संगठनों जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-ताइबा और हिजबुल मुजाहिदीन की कमर टूट चुकी है। इनके सभी शीर्ष आतंकी मारे जा चुके हैं। आतंकियों के भर्ती अभियान पर भी व्यापक असर पड़ा है। इसमें काफी कमी आई है।
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सीआरपीएफ काफिले में शामिल थे 2500 जवान
14 फरवरी 2019 को 78 वाहनों के सीआरपीएफ के काफिले में शामिल पांचवें नंबर की बस को जैश-ए-मोहम्मद के आत्मघाती हमलावर ने अपनी विस्फोटक से भरी एसयूवी से टक्कर मार कर उड़ा दिया था। इसमें 40 जवान शहीद हो गए थे। इस काफिले में 2500 जवान शामिल थे। इस हमले में शहीद असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (एएसआई) मोहन लाल (50) को इसी वर्ष गणतंत्र दिवस पर सर्वोच्च पुलिस पदक दिया गया।
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बालाकोट में एयर स्ट्राइक कर लिया था बदला
पुलवामा हमले के तुरंत बाद, भारतीय वायु सेना ने 26 फरवरी, 2019 को पाकिस्तान के बालाकोट में हवाई हमले कर आतंकी शिविरों को नष्ट कर दिया था।
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इस समारोह में दिल्ली स्थित मुख्यालय से सीआरपीएफ महानिदेशक एपी माहेश्वरी समेत अनेक वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअली शामिल हुए। इसके अलावा घटना स्थल पर भी अफसरों ने शहीदों को नमन किया। इस मौके पर कश्मीर में सीआरपीएफ के आई (ऑपरेशन) दीपक रतन ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि दो बरस पहले हुए इस हमले के बाद सीआरपीएफ ने अपनी रणनीति में व्यापक बदलाव किया है। कश्मीर घाटी की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अपनी एसओपी, आरओपी में बदलाव किया गया है। हथियारों के साथ वाहनों को भी तकनीकि तौर पर अपग्रेड किया गया है। वाहनों को ऐसा बनाया गया है किसी हमले की स्थिति में कड़ाई से जवाब दिया जा सके। राष्ट्रीय राजमार्ग पर जवानों की संख्या में वृद्धि की गई है। सीसीटीवी, चेहरे की पहचान और ड्रोन से निगरानी बढ़ा दी गई है।
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एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि पुलवामा हमले और अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पिछले दो सालों में कश्मीर घाटी में कानून-व्यवस्था की स्थिति पहले से बेहतर हुई है। आतंकी संगठनों जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-ताइबा और हिजबुल मुजाहिदीन की कमर टूट चुकी है। इनके सभी शीर्ष आतंकी मारे जा चुके हैं। आतंकियों के भर्ती अभियान पर भी व्यापक असर पड़ा है। इसमें काफी कमी आई है।
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सीआरपीएफ काफिले में शामिल थे 2500 जवान
14 फरवरी 2019 को 78 वाहनों के सीआरपीएफ के काफिले में शामिल पांचवें नंबर की बस को जैश-ए-मोहम्मद के आत्मघाती हमलावर ने अपनी विस्फोटक से भरी एसयूवी से टक्कर मार कर उड़ा दिया था। इसमें 40 जवान शहीद हो गए थे। इस काफिले में 2500 जवान शामिल थे। इस हमले में शहीद असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (एएसआई) मोहन लाल (50) को इसी वर्ष गणतंत्र दिवस पर सर्वोच्च पुलिस पदक दिया गया।
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बालाकोट में एयर स्ट्राइक कर लिया था बदला
पुलवामा हमले के तुरंत बाद, भारतीय वायु सेना ने 26 फरवरी, 2019 को पाकिस्तान के बालाकोट में हवाई हमले कर आतंकी शिविरों को नष्ट कर दिया था।