Jammu Kashmir: पाकिस्तान में बैठे आतंकी हैंडलर की संपत्ति कुर्क, POK से आतंक फैला रहा था नजीर गनई
हंदवाड़ा पुलिस ने कुपवाड़ा जिले के क्रालगुंड में पाकिस्तान स्थित आतंकी हैंडलर नजीर अहमद गनई की संपत्ति कुर्क की।
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पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि आतंकवादी तंत्र के विरुद्ध कड़ी कार्रवाइयों के तहत हंदवाड़ा पुलिस ने वीरवार को क्रालगुंड के पलपोरा गांव में एक आतंकवादी हैंडलर की संपत्ति कुर्क की।
प्रवक्ताा के मुताबिक क्रालगुंड पुलिस स्टेशन की जांच के दौरान यह स्थापित हुआ कि पाकिस्तान स्थित नजीर अहमद गनई निवासी पलपोरा, क्रालगुंड पीओके से सक्रिय है और हंदवाड़ा में आतंकवादी गतिविधियों का संचालन करने में सक्रिय रूप से शामिल है।
इसके बाद कानून के प्रावधानों के अनुसार उक्त मामले में उसकी संपत्ति कुर्क करने की कार्यवाही शुरू की गई। प्रवक्ता ने बताया कि यह कार्रवाई आतंकवादी हैंडलरों और राष्ट्र-विरोधी तत्वों से सख्ती से निपटने की हंदवाड़ा पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
इन उपायों का उद्देश्य आतंकवादी संगठनों के समर्थन ढांचों को ध्वस्त करना और अन्य संगठनों को गैरकानूनी गतिविधियों से रोकना है। साथ ही जिले में शांति और व्यवस्था को बढ़ावा देने वाले उपायों को मजबूत करना है।
हंदवाड़ा में जमात-ए-इस्लामी से जुड़े व्यक्ति के घर पर छापा
उत्तरी कश्मीर के हंदवाड़ा में पुलिस ने बुधवार सुबह प्रतिबंधित जमात-ए-इस्लामी (जेईआई) संगठन से जुड़े एक व्यक्ति के घर पर छापा मारा।
पुलिस के अनुसार, हंदवाड़ा शहर की कोहिनूर कॉलोनी में यह छापा गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत दर्ज एक मामले में चल रही जांच का हिस्सा था।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि हंदवाड़ा पुलिस स्टेशन में यूएपीए की धारा 10 और 13 के तहत दर्ज एफआईआर के संबंध में एक पुलिस दल ने जेईआई नेता के घर की तलाशी ली। यह मामला जमात-ए-इस्लामी से जुड़ी कथित गैरकानूनी गतिविधियों से जुड़ा है, जो मार्च 2019 से जम्मू-कश्मीर में प्रतिबंधित संगठन है।
मामले से परिचित एक अधिकारी ने बताया कि सबूत इकट्ठा करने के लिए आवास की तलाशी ली। इस दौरान कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। न ही कोई आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई। प्रतिबंध के बाद से जमात-ए-इस्लामी नेताओं से जुड़ी संपत्तियों को सील कर दिया गया है। कई सदस्यों या समर्थकों की जांच की जा रही है।
पिछले कई वर्षों में पुलिस और राज्य जांच एजेंसी (एसआईए) ने जमात-ए-इस्लामी से जुड़े मामलों का दायरा बढ़ाया है और उत्तर और दक्षिण कश्मीर के जिलों में कई छापे मारे हैं। इनमें प्रतिबंधित संगठन से जुड़े संदिग्ध आवासों, कार्यालयों, स्कूलों और संपत्तियों की तलाशी शामिल है।