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Srinagar News: हुजूर के बाल मुबारक की जियारत के लिए हजरतबल दरगाह में उमड़े जायरीन
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हजरतबल दरगाह में जायरीन। संवाद
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- शब-ए-मेराज पर रात को शुरू हुए कार्यक्रम सुबह तक चले
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। शब-ए-मेराज के अवसर पर शुक्रवार रात को मजलिसों, दुरूद ओ सलाम और दुआओं का दौर चलता रहा। सबसे बड़ा कार्यक्रम हजरतबल दरगाह में हुआ। रातभर की इबादत के बाद शनिवार सुबह फजर की नमाज के बाद दरगाह में रखे पैगंबर मोहम्मद साहब के बाल की जियारत कराई गई। इस दौरान कश्मीर के अलावा अन्य जगहों के भी सैकड़ों जायरीन मौजूद रहे।
शुक्रवार को रात को इशा की नमाज के बाद करीब 8 बजे से ही श्रीनगर की कई मस्जिदों और हजरतबल दरगाह के अलावा अन्य आस्तानों में दुरूद ओ सलाम का दौर शुरू हुआ। मोहम्मद साहब की शान में कसीदे पढ़े गए। शब ए मेराज का भी तस्किरा किया गया। आलिमों ने लोगों को इस रात की अहमियत बताई। पूरी रात चले इन कार्यक्रमों के बाद शनिवार को सुबह हजरतबल दरगाह में रखे पैगंबर मोहम्मद साहब की दाढ़ी मुबारक के बाल की जियारत कराई गई। जियारत के लिए पहुंचे लोगों ने रो-रोकर दुआएं मांगी और अपनों की मगफिरत के लिए दुआएं कीं।
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। शब-ए-मेराज के अवसर पर शुक्रवार रात को मजलिसों, दुरूद ओ सलाम और दुआओं का दौर चलता रहा। सबसे बड़ा कार्यक्रम हजरतबल दरगाह में हुआ। रातभर की इबादत के बाद शनिवार सुबह फजर की नमाज के बाद दरगाह में रखे पैगंबर मोहम्मद साहब के बाल की जियारत कराई गई। इस दौरान कश्मीर के अलावा अन्य जगहों के भी सैकड़ों जायरीन मौजूद रहे।
शुक्रवार को रात को इशा की नमाज के बाद करीब 8 बजे से ही श्रीनगर की कई मस्जिदों और हजरतबल दरगाह के अलावा अन्य आस्तानों में दुरूद ओ सलाम का दौर शुरू हुआ। मोहम्मद साहब की शान में कसीदे पढ़े गए। शब ए मेराज का भी तस्किरा किया गया। आलिमों ने लोगों को इस रात की अहमियत बताई। पूरी रात चले इन कार्यक्रमों के बाद शनिवार को सुबह हजरतबल दरगाह में रखे पैगंबर मोहम्मद साहब की दाढ़ी मुबारक के बाल की जियारत कराई गई। जियारत के लिए पहुंचे लोगों ने रो-रोकर दुआएं मांगी और अपनों की मगफिरत के लिए दुआएं कीं।
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