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पर्यटन सुरक्षा : अब स्कैन से होगी असली-नकली सेवा प्रदाताओं की पहचान

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Srinagar, Provide Secure Enviornment, Tourist, QR Code System, Start Pehalgam
पहलगाम में क्यूआर कोड दिखाता बिहार का विक्रेता। अमर उजाला - फोटो : samvad
पहलगाम हमले के बाद सैलानियों का भरोसा जीतने के लिए पुलिस ने लागू की विशेष क्यूआर कोड प्रणाली
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फर्जीवाड़े पर लगेगी लगाम, पर्यटक जान सकेंगे कि सेवा देने वाला व्यक्ति पंजीकृत है या फर्जी

अमृतपाल सिंह बाली



कनीमर्ग (पहलगाम)। पहलगाम आतंकी घटना के बाद पर्यटकों के मन में सुरक्षा को लेकर उपजी चिंताओं को दूर करने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक अत्याधुनिक समाधान निकाला है। सैलानियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें धोखाधड़ी से बचाने के लिए अब विशेष क्यूआर कोड आधारित पहचान प्रणाली की शुरुआत की गई है। इस नई व्यवस्था के तहत पर्यटक अब केवल एक स्कैन के जरिए यह जान सकेंगे कि उनकी सेवा करने वाला व्यक्ति अधिकृत है या नहीं।

इस सुविधा के तहत पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हर सेवा प्रदाताओं चाहे वह घोड़े वाले हों, फोटोग्राफर, चाय विक्रेता या भेलपुरी वाले हों... सभी को पुलिस सत्यापन के बाद एक यूनिक क्यूआर कोड और पहचान पत्र जारी किया गया है। जब पर्यटक इस कोड को मोबाइल से स्कैन करेगा उसे संबंधित व्यक्ति की पूरी जानकारी मिल जाएगी। इससे यह तुरंत स्पष्ट हो जाएगा कि प्रदाता पंजीकृत है या कोई संदिग्ध बाहरी तत्व। इस कदम का उद्देश्य शरारती तत्वों और फर्जी लोगों से पर्यटकों को सुरक्षित रखना है। इस कदम का स्थानीय प्रदाताओं ने भी स्वागत किया है।
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सजाद अहमद भट ने कहा कि पुलिस और सुरक्षाबल बीच-बीच में जांच भी करते हैं। क्यूआर कोड एक अच्छा प्रयास है जो सेवा प्रदाताओं के लिए भी लाभदायक है। फोटोग्राफर रफीक अहमद ने कहा कि हमें क्यूआर कोड जारी किए गए हैं जिसमें प्रदाता की पूरी जानकारी दी गई है। क्यूआर प्रणाली के साथ न केवल स्थानीय बल्कि गैर स्थानीय लोगों को भी पंजीकृत किया गया है ताकि सुरक्षा में कोई चूक न हो।
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बिहार के सुधीर शाह ने बताया कि वह पिछले दो महीने से यहां पर हैं और भेलपुरी बेचते हैं। हमने घर से वेरिफिकेशन साथ लाई थी जिसके बाद उसे थाने में जमा कराया। इसके बाद यहां काम करने की अनुमति मिली और क्यूआर कोड जारी किया गया।

बता दें कि पहलगाम में दाखिल होने पर आपको सुरक्षा का एहसास होने लगता है। सबसे पहले एंट्री पॉइंट पर वाहनों की तलाशी ली जाती है। उसके बाद पहलगाम में चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाबलों की तैनाती नजर आती है। इससे पर्यटक सुरक्षित माहौल का अनुभव करते हैं।



क्यूआर कोड में हैं प्रदाता की यह-यह जानकारियां

क्यूआर कोड स्कैन करने पर पर्यटक को जो जानकारियां मिलती हैं उनमें प्रदाता का नाम, पिता का नाम, पता, तहसील, जिला, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, पिन कोड, प्रोफेशन (पेशा), रजिस्ट्रेशन नंबर, ऑपरेशनल रूट और वह पुलिस द्वारा सत्यापित है या नहीं आदि शामिल हैं।


अब भी पहले जैसी चहल-पहल का है इंतजार

बता दें कि इस प्रसिद्ध पर्यटन स्थल में स्थित मिनी स्विजरलैंड बायसरन में 22 अप्रैल, 2025 में आतंकी हमला हुआ था। करीब एक साल बीत जाने के बाद पहलगाम की वादियों में ज्यादा कुछ तब्दीली नहीं आई है। पहलगाम का मुख्य बाजार अब भी उस चहल पहल का इंतजार कर रहा है जो कभी हमले से पहले देखने को मिलती थी। होटलों में भी पर्यटकों की आमद ज्यादा नहीं है। हां, पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था में जरूर बदलाव हुआ है।
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