{"_id":"6a21e3273b5459f0e30ed559","slug":"srinagar-police-issue-advisory-baramulla-tangmarg-and-gulmarg-srinagar-news-c-10-1-jam1027-929609-2026-06-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Srinagar News: पर्यटकों को टंगमर्ग-गुलमर्ग के तय पर्यटन स्थलों से बाहर न जाने की सलाह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Srinagar News: पर्यटकों को टंगमर्ग-गुलमर्ग के तय पर्यटन स्थलों से बाहर न जाने की सलाह
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
-आम जनता और पर्यटकों की सुरक्षा के हित में उठाया गया कदम, उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पुलिस करेगी कानूनी कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने वीरवार को एक एडवाइजरी जारी की। इसमें पर्यटकों से कहा गया है कि वे टंगमर्ग-गुलमर्ग इलाके में उन जगहों पर न जाएं जो पर्यटन गतिविधियों के लिए तय नहीं हैं।
पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि पुलिस हाजीबल-बाबा रेशी रास्ते से होते हुए मुलबंगिल-बाटू मार्ग की ओर पर्यटकों की आवाजाही को अगले आदेश तक नियंत्रित और प्रतिबंधित करेगी। पुलिस ने इस जिले में मशहूर स्की-रिसॉर्ट गुलमर्ग के पास, हाजीबल-बाबा रेशी रास्ते से सटे मुलबंगिल और बाटू के अंदरूनी इलाकों की ओर पर्यटकों की आवाजाही में हाल ही में बढ़ोतरी देखी है।
प्रवक्ता ने बताया कि कुछ मामलों में पर्यटन सेवा देने वाले गाइड और ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर इस आवाजाही में मदद कर रहे हैं। आम लोगों को सलाह दी जाती है कि काजीपोरा-जिरन-बाटू-मुलबंगिल-हाजीबल मार्ग, तय और स्थापित पर्यटन सर्किट का हिस्सा नहीं है और यह ऐसे दूरदराज के इलाकों से गुजरता है जहां पर्यटकों के लिए जरूरी मदद और आपातकालीन सुविधाओं की कमी है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि सभी होटल मालिकों, गेस्ट हाउस चलाने वालों, होमस्टे मालिकों, ट्रैवल एजेंसियों, टूर ऑपरेटरों, टैक्सी ऑपरेटरों, टूरिस्ट गाइडों, पोनी ऑपरेटरों और अन्य संबंधित लोगों को सलाह दी जाती है कि वे प्रतिबंधित इलाके की ओर पर्यटकों के दौरे में मदद न करें। उनका प्रचार न करें, उन्हें आयोजित न करें या उन्हें बढ़ावा न दें। उन्होंने कहा कि इन पाबंदियों को लागू करने के लिए पुलिस की टीमें उचित जगहों पर तैनात की जाएंगी।
प्रवक्ता ने चेतावनी दी कि कोई भी व्यक्ति, गाइड, ऑपरेटर, एजेंसी या संस्थान जो इन निर्देशों का उल्लंघन करते हुए बिना अनुमति के आवाजाही में मदद करते हुए या किसी भी ऐसे तरीके से काम करते हुए पाया जाएगा जिससे पर्यटकों की सुरक्षा खतरे में पड़े, उसके खिलाफ कानून के संबंधित प्रावधानों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि पर्यटकों से अनुरोध है कि वे अधिकारियों के साथ सहयोग करें और अपनी यात्रा को टंगमर्ग-गुलमर्ग इलाके में तय और स्थापित पर्यटन स्थलों तक ही सीमित रखें।प्रवक्ता ने कहा कि पर्यटकों की सुरक्षा, सुविधा और भलाई सुनिश्चित करने में सभी संबंधित लोगों के सहयोग की अपेक्षा है।
कश्मीर घाटी में सुरक्षाबल उन पर्यटकों के मामले में कोई जोखिम नहीं उठा रहे हैं जो असुरक्षित इलाकों में जा रहे हैं। यह सावधानी पिछले साल के पहलगाम हमले के बाद बरती जा रही है जिसमें 25 पर्यटक और एक स्थानीय पोनी ऑपरेटर मारे गए थे।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने वीरवार को एक एडवाइजरी जारी की। इसमें पर्यटकों से कहा गया है कि वे टंगमर्ग-गुलमर्ग इलाके में उन जगहों पर न जाएं जो पर्यटन गतिविधियों के लिए तय नहीं हैं।
पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि पुलिस हाजीबल-बाबा रेशी रास्ते से होते हुए मुलबंगिल-बाटू मार्ग की ओर पर्यटकों की आवाजाही को अगले आदेश तक नियंत्रित और प्रतिबंधित करेगी। पुलिस ने इस जिले में मशहूर स्की-रिसॉर्ट गुलमर्ग के पास, हाजीबल-बाबा रेशी रास्ते से सटे मुलबंगिल और बाटू के अंदरूनी इलाकों की ओर पर्यटकों की आवाजाही में हाल ही में बढ़ोतरी देखी है।
विज्ञापन
प्रवक्ता ने बताया कि कुछ मामलों में पर्यटन सेवा देने वाले गाइड और ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर इस आवाजाही में मदद कर रहे हैं। आम लोगों को सलाह दी जाती है कि काजीपोरा-जिरन-बाटू-मुलबंगिल-हाजीबल मार्ग, तय और स्थापित पर्यटन सर्किट का हिस्सा नहीं है और यह ऐसे दूरदराज के इलाकों से गुजरता है जहां पर्यटकों के लिए जरूरी मदद और आपातकालीन सुविधाओं की कमी है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि सभी होटल मालिकों, गेस्ट हाउस चलाने वालों, होमस्टे मालिकों, ट्रैवल एजेंसियों, टूर ऑपरेटरों, टैक्सी ऑपरेटरों, टूरिस्ट गाइडों, पोनी ऑपरेटरों और अन्य संबंधित लोगों को सलाह दी जाती है कि वे प्रतिबंधित इलाके की ओर पर्यटकों के दौरे में मदद न करें। उनका प्रचार न करें, उन्हें आयोजित न करें या उन्हें बढ़ावा न दें। उन्होंने कहा कि इन पाबंदियों को लागू करने के लिए पुलिस की टीमें उचित जगहों पर तैनात की जाएंगी।
प्रवक्ता ने चेतावनी दी कि कोई भी व्यक्ति, गाइड, ऑपरेटर, एजेंसी या संस्थान जो इन निर्देशों का उल्लंघन करते हुए बिना अनुमति के आवाजाही में मदद करते हुए या किसी भी ऐसे तरीके से काम करते हुए पाया जाएगा जिससे पर्यटकों की सुरक्षा खतरे में पड़े, उसके खिलाफ कानून के संबंधित प्रावधानों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि पर्यटकों से अनुरोध है कि वे अधिकारियों के साथ सहयोग करें और अपनी यात्रा को टंगमर्ग-गुलमर्ग इलाके में तय और स्थापित पर्यटन स्थलों तक ही सीमित रखें।प्रवक्ता ने कहा कि पर्यटकों की सुरक्षा, सुविधा और भलाई सुनिश्चित करने में सभी संबंधित लोगों के सहयोग की अपेक्षा है।
कश्मीर घाटी में सुरक्षाबल उन पर्यटकों के मामले में कोई जोखिम नहीं उठा रहे हैं जो असुरक्षित इलाकों में जा रहे हैं। यह सावधानी पिछले साल के पहलगाम हमले के बाद बरती जा रही है जिसमें 25 पर्यटक और एक स्थानीय पोनी ऑपरेटर मारे गए थे।