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Srinagar News: एनआईटी में मोबाइल सिक्योरिटी पर बूट कैंप शुरू, सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के गुर सीखेंगे छात्र
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- मोबाइल सिक्योरिटी अब राष्ट्रीय प्राथमिकता है: डायरेक्टर
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) में सोमवार को मोबाइल सिक्योरिटी पर एक सप्ताह का बूट कैंप सोमवार से शुरू हुआ। यह कैंप एनआईटी श्रीनगर के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट की ओर से आईआईटी जम्मू के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। इसमें छात्रों को उभरती मोबाइल सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के गुर सिखाए जाएंगे।
इस कैंप को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सूचना सुरक्षा शिक्षा और जागरूकता (आईएसई) चरण-3 प्रोजेक्ट की ओर से प्रायोजित किया गया है। उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता एनआईटी की इंचार्ज डायरेक्टर और डीन रिसर्च एंड कंसल्टेंसी प्रो. रूही नाज ने की। डीन फैकल्टी वेलफेयर प्रो. मंजूर अहमद अहंगर, डीन एलुमनी और अंतरराष्ट्रीय मामले प्रो. एम ए शाह, मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख डॉ. मोहम्मद हनीफ, हेड टीएंडपी प्रो. एजाज अहमद मीर, इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख डॉ. जी. रसूल बेग, कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग विभाग की प्रमुख डॉ. शाइमा कुरैशी और इंचार्ज सीपीयू डॉ. शेख शाहिद सलीम, फैकल्टी सदस्य और प्रतिभागी मौजूद थे।
आईआईटी जम्मू के सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर डॉ. अनिल सैनी और सीएसआईआर-सीईईआरआई के सीनियर प्रिंसिपल साइंटिस्ट डॉ. धीरज ने बूट कैंप के बारे में शुरुआती बातें कहीं। मुख्य भाषण में प्रो. रूही नाज ने कहा कि पांच दिवसीय बूट कैंप का उद्देश्य प्रतिभागियों को उभरती मोबाइल सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए जरूरी कौशल से लैस करने के लिए अत्याधुनिक ज्ञान, व्यावहारिक प्रशिक्षण और वास्तविक दुनिया की जानकारी एक साथ लाना है। भारत में एक अरब से ज्यादा मोबाइल यूजर हैं और मोबाइल डिवाइस का इस्तेमाल बैंकिंग, स्वास्थ्य सेवा और शासन जैसी महत्वपूर्ण गतिविधियों के लिए बड़े पैमाने पर किया जाता है जिससे मोबाइल सुरक्षा एक राष्ट्रीय प्राथमिकता बन गई है।
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प्रो. रूही ने आगे कहा कि बूट कैंप में सुरक्षित ऐप डेवलपमेंट, थ्रेट मॉडलिंग, एन्क्रिप्शन प्रोटोकॉल और फिशिंग, मैलवेयर और सप्लाई-चेन हमलों के खिलाफ रक्षा तंत्र सहित महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि पार्टिसिपेंट्स लैब सेशन, असली घटनाओं पर आधारित केस स्टडी और आईआईटी जम्मू, एनआईटी श्रीनगर के फैकल्टी और इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स से एक्सपर्ट मेंटरिंग में हिस्सा लेंगे।
पहले दिन उद्घाटन सत्र में डॉ. स्पर्श शर्मा (एनआईटी श्रीनगर) की एक्सपर्ट टॉक, डॉ. अब रऊफ (आईएआईएमएल, स्कॉस्ट कश्मीर) द्वारा एक हैंड्स-ऑन सेशन और डॉ. इराक रेशी (आईयूएसटी) का क्रिप्टोग्राफी पर एक लेक्चर शामिल था।
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) में सोमवार को मोबाइल सिक्योरिटी पर एक सप्ताह का बूट कैंप सोमवार से शुरू हुआ। यह कैंप एनआईटी श्रीनगर के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट की ओर से आईआईटी जम्मू के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। इसमें छात्रों को उभरती मोबाइल सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के गुर सिखाए जाएंगे।
इस कैंप को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सूचना सुरक्षा शिक्षा और जागरूकता (आईएसई) चरण-3 प्रोजेक्ट की ओर से प्रायोजित किया गया है। उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता एनआईटी की इंचार्ज डायरेक्टर और डीन रिसर्च एंड कंसल्टेंसी प्रो. रूही नाज ने की। डीन फैकल्टी वेलफेयर प्रो. मंजूर अहमद अहंगर, डीन एलुमनी और अंतरराष्ट्रीय मामले प्रो. एम ए शाह, मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख डॉ. मोहम्मद हनीफ, हेड टीएंडपी प्रो. एजाज अहमद मीर, इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख डॉ. जी. रसूल बेग, कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग विभाग की प्रमुख डॉ. शाइमा कुरैशी और इंचार्ज सीपीयू डॉ. शेख शाहिद सलीम, फैकल्टी सदस्य और प्रतिभागी मौजूद थे।
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आईआईटी जम्मू के सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर डॉ. अनिल सैनी और सीएसआईआर-सीईईआरआई के सीनियर प्रिंसिपल साइंटिस्ट डॉ. धीरज ने बूट कैंप के बारे में शुरुआती बातें कहीं। मुख्य भाषण में प्रो. रूही नाज ने कहा कि पांच दिवसीय बूट कैंप का उद्देश्य प्रतिभागियों को उभरती मोबाइल सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए जरूरी कौशल से लैस करने के लिए अत्याधुनिक ज्ञान, व्यावहारिक प्रशिक्षण और वास्तविक दुनिया की जानकारी एक साथ लाना है। भारत में एक अरब से ज्यादा मोबाइल यूजर हैं और मोबाइल डिवाइस का इस्तेमाल बैंकिंग, स्वास्थ्य सेवा और शासन जैसी महत्वपूर्ण गतिविधियों के लिए बड़े पैमाने पर किया जाता है जिससे मोबाइल सुरक्षा एक राष्ट्रीय प्राथमिकता बन गई है।
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प्रो. रूही ने आगे कहा कि बूट कैंप में सुरक्षित ऐप डेवलपमेंट, थ्रेट मॉडलिंग, एन्क्रिप्शन प्रोटोकॉल और फिशिंग, मैलवेयर और सप्लाई-चेन हमलों के खिलाफ रक्षा तंत्र सहित महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि पार्टिसिपेंट्स लैब सेशन, असली घटनाओं पर आधारित केस स्टडी और आईआईटी जम्मू, एनआईटी श्रीनगर के फैकल्टी और इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स से एक्सपर्ट मेंटरिंग में हिस्सा लेंगे।
पहले दिन उद्घाटन सत्र में डॉ. स्पर्श शर्मा (एनआईटी श्रीनगर) की एक्सपर्ट टॉक, डॉ. अब रऊफ (आईएआईएमएल, स्कॉस्ट कश्मीर) द्वारा एक हैंड्स-ऑन सेशन और डॉ. इराक रेशी (आईयूएसटी) का क्रिप्टोग्राफी पर एक लेक्चर शामिल था।