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Srinagar News: कश्मीर घाटी में गणतंत्र दिवस समारोह से पहले सुरक्षा चाक चौबंद
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श्रीनगर में 26 जनवरी से पहले औचक जांच करते सुरक्षाबल। संवाद
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-सभी 10 जिलों में मल्टी-टियर सुरक्षा व्यवस्था, ड्रोन और सीसीटीवी सहित आधुनिक तकनीकों का भी किया जा रहा प्रयोग
अमृतपाल सिंह बाली
श्रीनगर। कश्मीर घाटी में गणतंत्र दिवस समारोह से पहले सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। सभी 10 जिलों में में मल्टी-टियर सुरक्षा व्यवस्था, कड़ी निगरानी, तलाशी अभियान, नाकेबंदी और एरिया डोमिनेशन ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। सर्च में सुरक्षाबल खोजी कुत्ताें की भी मदद ले रहे हैं।
जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक आला अधिकारी ने बताया कि सभी जिलों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। सभी सुरक्षा एजेंसियां समन्वय के साथ निगरानी बनाए रखने के लिए एक साथ काम कर रही हैं। श्रीनगर शहर हो, नियंत्रण रेखा (एलओसी) हो, इससे सटे आंतरिक इलाके हो या फिर ग्रामीण क्षेत्र सभी जगह विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि आतंकियों द्वारा इस राष्ट्रीय पर्व पर खलल डालने के हर नापाक मंसूबों को नाकाम किया जा सके।
अधिकारी ने कहा कि कश्मीर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं जिसमें नाका चेकिंग, वाहनों और पैदल चलने वालों की तलाशी शामिल है। सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर एरिया डोमिनेशन ड्रिल, सर्च ऑपरेशन आदि समय-समय पर चलाए जा रहे हैं। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए एलओसी पर सुरक्षाबलों की व्यापक तैनाती की गई है। एलओसी पर सेना ने भी गश्त बढ़ा दी है। शहरी इलाकों खासकर श्रीनगर में गणतंत्र दिवस समारोह को शांतिपूर्वक सफल बनाने के लिए अहम जगहों पर तलाशी और चेकिंग बढ़ा दी गई है।
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उन्होंने आगे कहा कि स्थिति पर नजर रखने के लिए ड्रोन और हाई-रिजॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरों सहित एलओसी पर एडवांस्ड सर्विलांस सिस्टम का भी सहारा लिया जा रहा है। श्रीनगर शहर में फेसिअल रिकग्निशन (एफआरटी) का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। संवेदनशील इलाकों में एरिया सैनिटाइजेशन और डोमिनेशन एक्सरसाइज भी की जा रही हैं। इसमें न केवल जम्मू-कश्मीर पुलिस बल, सीआरपीएफ, सेना, बीएसएफ के अलावा अन्य खुफियां एजेंसियों का तालमेल शामिल है।
अधिकारी ने बताया इस बीच लगातार घाटी के हर जिले में उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठकों की भी शृंखला शुरू की गई है। पूरे क्षेत्र में आतंकवाद विरोधी अभियानों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बैठकों में मौजूदा सुरक्षा स्थिति की समीक्षा, ऑपरेशनल तैयारियों का आकलन किया और उभरती चुनौतियों का प्रभावी ढंग से जवाब देने के लिए सुरक्षा एजेंसियों के बीच तालमेल पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी जिलों में गणतंत्र दिवस समारोह शांतिपूर्वक ढंग से संपन्न होंगे।
श्रीनगर सिटी सेंटर के कुछ हिस्सों में चलाया तलाशी अभियान
श्रीनगर सिटी सेंटर के कुछ हिस्सों में शुक्रवार को तलाशी अभियान चलाया गया। यह ऑपरेशन कोठीबाग पुलिस ने सीआरपीएफ की 132वीं बटालियन के जवानों के साथ मिलकर किया। अधिकारियों ने बताया कि यह अभ्यास हाल ही में मिली सुरक्षा इनपुट के बाद शुरू किया गया था। इसका मकसद गणतंत्र दिवस के दौरान सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना था। रोकथाम की रणनीति के तहत संयुक्त टीमों ने सिटी सेंटर के इलाकों में पहचाने गए स्थानों पर एरिया डोमिनेशन, स्पॉट चेक और वेरिफिकेशन प्रक्रिया चलाई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गणतंत्र दिवस से पहले सार्वजनिक शांति भंग करने के किसी भी प्रयास को रोकने और सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित रहा। यह ऑपरेशन समन्वित और पेशेवर तरीके से किया गया जिसमें जनता को किसी भी तरह की असुविधा से बचाने की कोशिश की गई। पूरे अभ्यास के दौरान स्थिति शांतिपूर्ण रही और कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।
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अमृतपाल सिंह बाली
श्रीनगर। कश्मीर घाटी में गणतंत्र दिवस समारोह से पहले सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। सभी 10 जिलों में में मल्टी-टियर सुरक्षा व्यवस्था, कड़ी निगरानी, तलाशी अभियान, नाकेबंदी और एरिया डोमिनेशन ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। सर्च में सुरक्षाबल खोजी कुत्ताें की भी मदद ले रहे हैं।
जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक आला अधिकारी ने बताया कि सभी जिलों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। सभी सुरक्षा एजेंसियां समन्वय के साथ निगरानी बनाए रखने के लिए एक साथ काम कर रही हैं। श्रीनगर शहर हो, नियंत्रण रेखा (एलओसी) हो, इससे सटे आंतरिक इलाके हो या फिर ग्रामीण क्षेत्र सभी जगह विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि आतंकियों द्वारा इस राष्ट्रीय पर्व पर खलल डालने के हर नापाक मंसूबों को नाकाम किया जा सके।
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अधिकारी ने कहा कि कश्मीर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं जिसमें नाका चेकिंग, वाहनों और पैदल चलने वालों की तलाशी शामिल है। सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर एरिया डोमिनेशन ड्रिल, सर्च ऑपरेशन आदि समय-समय पर चलाए जा रहे हैं। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए एलओसी पर सुरक्षाबलों की व्यापक तैनाती की गई है। एलओसी पर सेना ने भी गश्त बढ़ा दी है। शहरी इलाकों खासकर श्रीनगर में गणतंत्र दिवस समारोह को शांतिपूर्वक सफल बनाने के लिए अहम जगहों पर तलाशी और चेकिंग बढ़ा दी गई है।
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उन्होंने आगे कहा कि स्थिति पर नजर रखने के लिए ड्रोन और हाई-रिजॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरों सहित एलओसी पर एडवांस्ड सर्विलांस सिस्टम का भी सहारा लिया जा रहा है। श्रीनगर शहर में फेसिअल रिकग्निशन (एफआरटी) का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। संवेदनशील इलाकों में एरिया सैनिटाइजेशन और डोमिनेशन एक्सरसाइज भी की जा रही हैं। इसमें न केवल जम्मू-कश्मीर पुलिस बल, सीआरपीएफ, सेना, बीएसएफ के अलावा अन्य खुफियां एजेंसियों का तालमेल शामिल है।
अधिकारी ने बताया इस बीच लगातार घाटी के हर जिले में उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठकों की भी शृंखला शुरू की गई है। पूरे क्षेत्र में आतंकवाद विरोधी अभियानों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बैठकों में मौजूदा सुरक्षा स्थिति की समीक्षा, ऑपरेशनल तैयारियों का आकलन किया और उभरती चुनौतियों का प्रभावी ढंग से जवाब देने के लिए सुरक्षा एजेंसियों के बीच तालमेल पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी जिलों में गणतंत्र दिवस समारोह शांतिपूर्वक ढंग से संपन्न होंगे।
श्रीनगर सिटी सेंटर के कुछ हिस्सों में चलाया तलाशी अभियान
श्रीनगर सिटी सेंटर के कुछ हिस्सों में शुक्रवार को तलाशी अभियान चलाया गया। यह ऑपरेशन कोठीबाग पुलिस ने सीआरपीएफ की 132वीं बटालियन के जवानों के साथ मिलकर किया। अधिकारियों ने बताया कि यह अभ्यास हाल ही में मिली सुरक्षा इनपुट के बाद शुरू किया गया था। इसका मकसद गणतंत्र दिवस के दौरान सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना था। रोकथाम की रणनीति के तहत संयुक्त टीमों ने सिटी सेंटर के इलाकों में पहचाने गए स्थानों पर एरिया डोमिनेशन, स्पॉट चेक और वेरिफिकेशन प्रक्रिया चलाई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गणतंत्र दिवस से पहले सार्वजनिक शांति भंग करने के किसी भी प्रयास को रोकने और सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित रहा। यह ऑपरेशन समन्वित और पेशेवर तरीके से किया गया जिसमें जनता को किसी भी तरह की असुविधा से बचाने की कोशिश की गई। पूरे अभ्यास के दौरान स्थिति शांतिपूर्ण रही और कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।