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Srinagar News: सूफी उलेमा ने सामाजिक बुराइयों के बीच आध्यात्मिक जागरण का किया आह्वान
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श्रीनगर में मजलिस ए तसव्वुफ के दौरान उलेमा। संवाद
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श्रीनगर में हुआ ऐतिहासिक मजलिस-ए-तसव्वुफ का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। जिले में एक दुर्लभ और आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण मजलिस-ए-तसव्वुफ का आयोजन रविवार को हुआ। इसमें घाटी भर से प्रतिष्ठित सूफी उलेमा, दरगाहों के सज्जादा नशीन और इमाम शामिल हुए। इस ऐतिहासिक सम्मेलन में बढ़ती सामाजिक चुनौतियों और नैतिक पतन के बीच कश्मीर की समृद्ध सूफी विरासत के पुनर्जागरण और आत्ममंथन का सामूहिक आह्वान किया गया।
मजलिस में इस बात पर जोर दिया गया कि अत्यधिक भौतिकतावाद और फैलती सामाजिक बुराइयों ने करुणा, विनम्रता और आत्मचिंतन जैसे उन मूल्यों को कमजोर किया है, जो कभी कश्मीर की पहचान थे। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे समय में कश्मीर की गहरी जड़ें जमाए सूफी परंपराओं से दोबारा जुड़ना अत्यंत आवश्यक है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। जिले में एक दुर्लभ और आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण मजलिस-ए-तसव्वुफ का आयोजन रविवार को हुआ। इसमें घाटी भर से प्रतिष्ठित सूफी उलेमा, दरगाहों के सज्जादा नशीन और इमाम शामिल हुए। इस ऐतिहासिक सम्मेलन में बढ़ती सामाजिक चुनौतियों और नैतिक पतन के बीच कश्मीर की समृद्ध सूफी विरासत के पुनर्जागरण और आत्ममंथन का सामूहिक आह्वान किया गया।
मजलिस में इस बात पर जोर दिया गया कि अत्यधिक भौतिकतावाद और फैलती सामाजिक बुराइयों ने करुणा, विनम्रता और आत्मचिंतन जैसे उन मूल्यों को कमजोर किया है, जो कभी कश्मीर की पहचान थे। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे समय में कश्मीर की गहरी जड़ें जमाए सूफी परंपराओं से दोबारा जुड़ना अत्यंत आवश्यक है।
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