{"_id":"69d9651aa698d3c03a093d1f","slug":"srinagar-highcourt-verdict-compensation-srinagar-news-c-10-lko1027-883866-2026-04-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"मालिकाना हक विवाद के बीच किसी को मुआवजा नहीं दिया जा सकता : हाईकोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मालिकाना हक विवाद के बीच किसी को मुआवजा नहीं दिया जा सकता : हाईकोर्ट
विज्ञापन
श्रीनगर। हाईकोर्ट ने शुक्रवार को फैसला सुनाया कि अधिग्रहित जमीन का मुआवजा तब तक नहीं बांटा जा सकता, जब तक कि दावेदारों के बीच हक या बंटवारे को लेकर कोई विवाद हो।
जस्टिस सिंधु शर्मा और जस्टिस शहजाद अजीम की डिवीजन बेंच ने कहा, जहां मुआवजे के हक या बंटवारे को लेकर विवाद होता है, वहां सक्षम अधिकारी का कानूनी दायित्व है कि वह विवाद को मूल अधिकार क्षेत्र वाले प्रधान सिविल कोर्ट के पास भेजे।
यह बात बेंच ने हाईवे-44 के चौड़ीकरण से जुड़े जमीन अधिग्रहण मामले में सिंगल जज के उस आदेश के खिलाफ दायर अपील को स्वीकार करते हुए कही जिसमें दावेदार को मुआवजा देने का निर्देश दिया गया था। अन्य कानूनी वारिसों ने आदेश को चुनौती दी। डिवीजन बेंच ने कहा कि शीर्ष अदालत ने टिप्पणी की है कि यदि मुआवजे की राशि या किसी हिस्से के बंटवारे को लेकर अथवा उस व्यक्ति को लेकर कोई विवाद उत्पन्न होता है जिसे वह राशि या उसका कोई हिस्सा दिया जाना है तो सक्षम अधिकारी उस विवाद को मूल अधिकार क्षेत्र वाले प्रधान सिविल कोर्ट के फैसले के लिए भेजेगा। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
जस्टिस सिंधु शर्मा और जस्टिस शहजाद अजीम की डिवीजन बेंच ने कहा, जहां मुआवजे के हक या बंटवारे को लेकर विवाद होता है, वहां सक्षम अधिकारी का कानूनी दायित्व है कि वह विवाद को मूल अधिकार क्षेत्र वाले प्रधान सिविल कोर्ट के पास भेजे।
विज्ञापन
यह बात बेंच ने हाईवे-44 के चौड़ीकरण से जुड़े जमीन अधिग्रहण मामले में सिंगल जज के उस आदेश के खिलाफ दायर अपील को स्वीकार करते हुए कही जिसमें दावेदार को मुआवजा देने का निर्देश दिया गया था। अन्य कानूनी वारिसों ने आदेश को चुनौती दी। डिवीजन बेंच ने कहा कि शीर्ष अदालत ने टिप्पणी की है कि यदि मुआवजे की राशि या किसी हिस्से के बंटवारे को लेकर अथवा उस व्यक्ति को लेकर कोई विवाद उत्पन्न होता है जिसे वह राशि या उसका कोई हिस्सा दिया जाना है तो सक्षम अधिकारी उस विवाद को मूल अधिकार क्षेत्र वाले प्रधान सिविल कोर्ट के फैसले के लिए भेजेगा। संवाद
विज्ञापन