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किसी व्यक्ति को आदतन अपराधी घोषित करने के लिए ठोस सबूत जरूरी : हाईकोर्ट
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संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है कि किसी व्यक्ति को सिर्फ शक या बिना किसी आधार के विश्वास के आधार पर आदतन अपराधी घोषित नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि ऐसा फैसला ठोस और जांचे जा सकने वाले सबूतों पर आधारित होना चाहिए।
गुलाम मोहम्मद शेख की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए जिसमें उन्होंने बडगाम के बीरवाह पुलिस स्टेशन में रखी जाने वाली निगरानी रजिस्टर संख्या 10 में अपना नाम शामिल किए जाने और अपनी ''हिस्ट्री शीट'''' (अपराधिक रिकॉर्ड) खोले जाने को चुनौती दी थी। जस्टिस संजय परिहार की बेंच ने कहा कि किसी व्यक्ति के आदतन अपराधी होने के बारे में कोई भी राय ठोस और जांचे जा सकने वाले सबूतों पर आधारित होनी चाहिए। शेख ने दलील दी थी कि राजनीतिक बदले की भावना के चलते उन्हें कई एफआईआर में झूठा फंसाया गया है और उन्हें किसी भी मामले में कभी दोषी नहीं ठहराया गया है। कोर्ट ने कहा कि सिर्फ किसी बात पर विश्वास कर लेना काफी नहीं है जब तक कि उसके पीछे कोई ठोस आधार न हो। कोर्ट ने फ़ैसला सुनाया कि रिकॉर्ड पर ऐसा कोई भी सबूत पेश नहीं किया गया जिससे यह साबित हो सके कि शेख एक आदतन अपराधी हैं।
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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है कि किसी व्यक्ति को सिर्फ शक या बिना किसी आधार के विश्वास के आधार पर आदतन अपराधी घोषित नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि ऐसा फैसला ठोस और जांचे जा सकने वाले सबूतों पर आधारित होना चाहिए।
गुलाम मोहम्मद शेख की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए जिसमें उन्होंने बडगाम के बीरवाह पुलिस स्टेशन में रखी जाने वाली निगरानी रजिस्टर संख्या 10 में अपना नाम शामिल किए जाने और अपनी ''हिस्ट्री शीट'''' (अपराधिक रिकॉर्ड) खोले जाने को चुनौती दी थी। जस्टिस संजय परिहार की बेंच ने कहा कि किसी व्यक्ति के आदतन अपराधी होने के बारे में कोई भी राय ठोस और जांचे जा सकने वाले सबूतों पर आधारित होनी चाहिए। शेख ने दलील दी थी कि राजनीतिक बदले की भावना के चलते उन्हें कई एफआईआर में झूठा फंसाया गया है और उन्हें किसी भी मामले में कभी दोषी नहीं ठहराया गया है। कोर्ट ने कहा कि सिर्फ किसी बात पर विश्वास कर लेना काफी नहीं है जब तक कि उसके पीछे कोई ठोस आधार न हो। कोर्ट ने फ़ैसला सुनाया कि रिकॉर्ड पर ऐसा कोई भी सबूत पेश नहीं किया गया जिससे यह साबित हो सके कि शेख एक आदतन अपराधी हैं।
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