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Srinagar: सीजेआई ने कहा- जानकारी के बिना अधिकार किसी काम के नहीं, इसीलिए जागरूकता जरूरी
Mon, 28 Jul 2025 05:58 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 28 Jul 2025 05:58 AM IST
सार
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) के उत्तर क्षेत्रीय सम्मेलन में जस्टिस गवई ने यह भी कहा कि अतीत की विकृतियों को दूर करने और पुराने कश्मीर को पुनर्स्थापित करने की जरूरत है।
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जस्टिस बीआर गवई
- फोटो : PTI
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विस्तार
चीफ जस्टिस (सीजेआई) बीआर गवई ने कहा कि नागरिकों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना चाहिए। जानकारी के बिना अधिकार किसी काम के नहीं होते। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) के उत्तर क्षेत्रीय सम्मेलन में जस्टिस गवई ने यह भी कहा कि अतीत की विकृतियों को दूर करने और पुराने कश्मीर को पुनर्स्थापित करने की जरूरत है।
जस्टिस गवई ने कहा, न्यायाधीशों और वकीलों को मिलकर सभी नागरिकों के लिए न्याय सुनिश्चित करना होगा। मुझे विश्वास है कि यह कार्यक्रम उस पारंपरिक कश्मीर के पुनर्निर्माण में मदद करेगा जहां सभी समुदाय - हिंदू, मुस्लिम और सिख एकसाथ रहते थे।
पिछले 35 वर्षों में कश्मीर की स्थिति का जिक्र करते हुए जस्टिस गवई ने कहा, कुछ विसंगतियां रही हैं, लेकिन हमें इन्हें दूर करने के लिए काम करना होगा। जम्मू-कश्मीर व लद्दाख की सूफीवाद की परंपरा संविधान में निहित धर्मनिरपेक्षता को बढ़ावा देती है।
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चीफ जस्टिस ने कहा, संविधान के जरिये हमने राजनीतिक, सामाजिक व आर्थिक न्याय का वादा किया है। न्याय को उसकी सच्ची भावना के अनुरूप लागू करना हमारा दायित्व है।
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जस्टिस गवई ने कहा, न्यायाधीशों और वकीलों को मिलकर सभी नागरिकों के लिए न्याय सुनिश्चित करना होगा। मुझे विश्वास है कि यह कार्यक्रम उस पारंपरिक कश्मीर के पुनर्निर्माण में मदद करेगा जहां सभी समुदाय - हिंदू, मुस्लिम और सिख एकसाथ रहते थे।
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पिछले 35 वर्षों में कश्मीर की स्थिति का जिक्र करते हुए जस्टिस गवई ने कहा, कुछ विसंगतियां रही हैं, लेकिन हमें इन्हें दूर करने के लिए काम करना होगा। जम्मू-कश्मीर व लद्दाख की सूफीवाद की परंपरा संविधान में निहित धर्मनिरपेक्षता को बढ़ावा देती है।
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चीफ जस्टिस ने कहा, संविधान के जरिये हमने राजनीतिक, सामाजिक व आर्थिक न्याय का वादा किया है। न्याय को उसकी सच्ची भावना के अनुरूप लागू करना हमारा दायित्व है।