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Srinagar News: बारामुला में बाल श्रम के खिलाफ बड़ा अभियान, आठ नाबालिग मजदूरों को बचाया
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बारामुला। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के निर्देश पर बारामुला की चाइल्ड वेलफेयर कमेटी ने बाल एवं किशोर श्रम तथा सड़क पर रहने वाले बच्चों की पहचान और पुनर्वास के लिए रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन कैंपेन 4.0 शुरू किया। इस संयुक्त अभियान के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आठ नाबालिग मजदूरों को बचाया गया।
यह अभियान जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड हेल्पलाइन, श्रम विभाग, जुवेनाइल पुलिस यूनिट और जिला पुलिस के सहयोग से चलाया गया। अभियान के तहत उड़ी, बोनियार, शीरी और चंदनवारी क्षेत्रों में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, छोटे कारोबारों, झुग्गी बस्तियों और धार्मिक स्थलों पर विशेष जांच की गई।
अधिकारियों ने बताया कि अभियान के दौरान मिले आठ नाबालिगों के नियोक्ताओं को उनकी आयु और रोजगार संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि सत्यापन किया जा सके। चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सदस्य समीर अहमद शेख ने कहा कि समिति का उद्देश्य हर बच्चे को सुरक्षित और बेहतर माहौल उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि बच्चों को बचाने के साथ-साथ उनका शोषण करने वालों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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उन्होंने घरेलू काम या मजदूरी के लिए बच्चों को रोजगार देने वालों को चेतावनी देते हुए कहा कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने नियोक्ताओं को 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों से काम कराने के कानूनी परिणामों की जानकारी भी दी और कहा कि ऐसे मामलों में संबंधित कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई होगी।
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कहीं बाल श्रम या बच्चों के शोषण की जानकारी मिले तो चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर तुरंत सूचना दें। साथ ही सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को हेल्पलाइन नंबर प्रमुखता से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान के माध्यम से होटल संचालकों, वाहन चालकों, मैकेनिकों, बेकरी मालिकों और अन्य व्यापारियों को भी जागरूक किया गया है। कई प्रतिष्ठानों ने अपने कार्यस्थलों को बाल श्रम मुक्त रखने का संकल्प लिया है। प्रशासन का कहना है कि पिछले अभियानों से जिले में बाल श्रम के मामलों में कमी आई है और यह अभियान बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेगा।
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यह अभियान जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड हेल्पलाइन, श्रम विभाग, जुवेनाइल पुलिस यूनिट और जिला पुलिस के सहयोग से चलाया गया। अभियान के तहत उड़ी, बोनियार, शीरी और चंदनवारी क्षेत्रों में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, छोटे कारोबारों, झुग्गी बस्तियों और धार्मिक स्थलों पर विशेष जांच की गई।
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अधिकारियों ने बताया कि अभियान के दौरान मिले आठ नाबालिगों के नियोक्ताओं को उनकी आयु और रोजगार संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि सत्यापन किया जा सके। चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सदस्य समीर अहमद शेख ने कहा कि समिति का उद्देश्य हर बच्चे को सुरक्षित और बेहतर माहौल उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि बच्चों को बचाने के साथ-साथ उनका शोषण करने वालों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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उन्होंने घरेलू काम या मजदूरी के लिए बच्चों को रोजगार देने वालों को चेतावनी देते हुए कहा कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने नियोक्ताओं को 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों से काम कराने के कानूनी परिणामों की जानकारी भी दी और कहा कि ऐसे मामलों में संबंधित कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई होगी।
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कहीं बाल श्रम या बच्चों के शोषण की जानकारी मिले तो चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर तुरंत सूचना दें। साथ ही सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को हेल्पलाइन नंबर प्रमुखता से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान के माध्यम से होटल संचालकों, वाहन चालकों, मैकेनिकों, बेकरी मालिकों और अन्य व्यापारियों को भी जागरूक किया गया है। कई प्रतिष्ठानों ने अपने कार्यस्थलों को बाल श्रम मुक्त रखने का संकल्प लिया है। प्रशासन का कहना है कि पिछले अभियानों से जिले में बाल श्रम के मामलों में कमी आई है और यह अभियान बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेगा।