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Srinagar News: कैट का केयू की जेई भर्ती प्रक्रिया में दखल देने से इन्कार
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संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (कैट) की श्रीनगर बेंच ने कश्मीर यूनिवर्सिटी (केयू) में जूनियर इंजीनियरों की चल रही भर्ती प्रक्रिया में दखल देने से इन्कार कर दिया है। वहीं तीन कॉन्ट्रैक्ट इंजीनियरों को सीमित राहत दी है, जो अपनी सेवाओं को रेगुलर करने की मांग कर रहे थे।
आवेदनों की सुनवाई करते हुए ट्रिब्यूनल जिसमें सदस्य (न्यायिक) एमएस लतीफ और सदस्य (प्रशासनिक) प्रशांत कुमार शामिल थे, ने पाया कि इसी तरह के एक मामले में रेगुलराइजेशन का मुद्दा इस समय जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट के विचाराधीन है, जहां एक डिवीजन बेंच ने एक सिंगल बेंच के पहले के फैसले पर रोक लगा दी है।
आवेदकों पीर मोहम्मद इशाक, तजीम कय्यूम, और ओबैद हामिद भट ने यूनिवर्सिटी के विज्ञापन अधिसूचना संख्या 05/2026 को चुनौती दी थी, यह तर्क देते हुए कि वे 2017 से जूनियर इंजीनियर के रूप में हायर एंड फायर (जब चाहें काम पर रखना और जब चाहें हटा देना) के आधार पर काम कर रहे हैं और यूनिवर्सिटी की मौजूदा नीति के तहत रेगुलराइजेशन के हकदार हैं।
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श्रीनगर। सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (कैट) की श्रीनगर बेंच ने कश्मीर यूनिवर्सिटी (केयू) में जूनियर इंजीनियरों की चल रही भर्ती प्रक्रिया में दखल देने से इन्कार कर दिया है। वहीं तीन कॉन्ट्रैक्ट इंजीनियरों को सीमित राहत दी है, जो अपनी सेवाओं को रेगुलर करने की मांग कर रहे थे।
आवेदनों की सुनवाई करते हुए ट्रिब्यूनल जिसमें सदस्य (न्यायिक) एमएस लतीफ और सदस्य (प्रशासनिक) प्रशांत कुमार शामिल थे, ने पाया कि इसी तरह के एक मामले में रेगुलराइजेशन का मुद्दा इस समय जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट के विचाराधीन है, जहां एक डिवीजन बेंच ने एक सिंगल बेंच के पहले के फैसले पर रोक लगा दी है।
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आवेदकों पीर मोहम्मद इशाक, तजीम कय्यूम, और ओबैद हामिद भट ने यूनिवर्सिटी के विज्ञापन अधिसूचना संख्या 05/2026 को चुनौती दी थी, यह तर्क देते हुए कि वे 2017 से जूनियर इंजीनियर के रूप में हायर एंड फायर (जब चाहें काम पर रखना और जब चाहें हटा देना) के आधार पर काम कर रहे हैं और यूनिवर्सिटी की मौजूदा नीति के तहत रेगुलराइजेशन के हकदार हैं।
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