{"_id":"6a4d5e036a8037c3c90a831a","slug":"srinagar-agriculture-team-raid-at-shops-fake-urea-seized-srinagar-news-c-10-1-agr1010-955672-2026-07-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Srinagar News: कृषि विभाग की टीम के छापे, शोपियां में नकली जैव-उर्वरक जब्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Srinagar News: कृषि विभाग की टीम के छापे, शोपियां में नकली जैव-उर्वरक जब्त
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
शोपियां। बागवानों के हितों की रक्षा के लिए कृषि विभाग कश्मीर के प्रवर्तन विंग ने जिले के ऋषिपोरा हरमेन में छापे मारकर हिस ब्रांड के नाम से बिक रहे संदिग्ध नकली उत्पाद को जब्त किया है। अधिकारियों के अनुसार इस उत्पाद को जैव-उर्वरक के रूप में लेबल और बाजार में बेचा जा रहा था।
शुरुआती जांच में पता चला कि इसे बागवानों को कीटनाशक के रूप में बेचने और इस्तेमाल करने की सलाह दी जा रही थी जबकि इसके लिए जरूरी अनुमति, पंजीकरण, वैधानिक मंजूरी और प्रमाणित प्रयोगशाला रिपोर्ट जैसी कोई कानूनी औपचारिकता पूरी नहीं की गई थी। छापे के दौरान अधिकारियों ने बड़ी मात्रा में उत्पाद को जब्त कर आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई के लिए अपने कब्जे में ले लिया। विशिष्ट सूचना के आधार पर प्रवर्तन विंग ने शोपियां-कुलगाम सीमा पर दूसरा छापा मारा।
जानकारी मिली थी कि ऋषिपोरा के डीलर ने यही उत्पाद दूसरे डीलर को सप्लाई किया है। वहां से भी संदिग्ध नकली हिस जैव-उर्वरक की बड़ी मात्रा बरामद की गई जिसे कीटनाशक के रूप में बेचा जा रहा था। कृषि विभाग ने कहा कि बिना मंजूरी वाले कृषि उत्पादों को बेचने वाले डीलरों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है। हाल की कार्रवाइयों में बड़ी मात्रा में अवैध उत्पाद जब्त किए गए हैं।
विज्ञापन
विभाग का उद्देश्य है कि किसानों तक सिर्फ मंजूरशुदा कृषि सामग्री ही पहुंचे। विभाग के अनुसार समय रहते की गई इस कार्रवाई से बागवानों को संभावित फसल और आर्थिक नुकसान से बचाया गया है।
विज्ञापन
शोपियां। बागवानों के हितों की रक्षा के लिए कृषि विभाग कश्मीर के प्रवर्तन विंग ने जिले के ऋषिपोरा हरमेन में छापे मारकर हिस ब्रांड के नाम से बिक रहे संदिग्ध नकली उत्पाद को जब्त किया है। अधिकारियों के अनुसार इस उत्पाद को जैव-उर्वरक के रूप में लेबल और बाजार में बेचा जा रहा था।
शुरुआती जांच में पता चला कि इसे बागवानों को कीटनाशक के रूप में बेचने और इस्तेमाल करने की सलाह दी जा रही थी जबकि इसके लिए जरूरी अनुमति, पंजीकरण, वैधानिक मंजूरी और प्रमाणित प्रयोगशाला रिपोर्ट जैसी कोई कानूनी औपचारिकता पूरी नहीं की गई थी। छापे के दौरान अधिकारियों ने बड़ी मात्रा में उत्पाद को जब्त कर आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई के लिए अपने कब्जे में ले लिया। विशिष्ट सूचना के आधार पर प्रवर्तन विंग ने शोपियां-कुलगाम सीमा पर दूसरा छापा मारा।
विज्ञापन
जानकारी मिली थी कि ऋषिपोरा के डीलर ने यही उत्पाद दूसरे डीलर को सप्लाई किया है। वहां से भी संदिग्ध नकली हिस जैव-उर्वरक की बड़ी मात्रा बरामद की गई जिसे कीटनाशक के रूप में बेचा जा रहा था। कृषि विभाग ने कहा कि बिना मंजूरी वाले कृषि उत्पादों को बेचने वाले डीलरों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है। हाल की कार्रवाइयों में बड़ी मात्रा में अवैध उत्पाद जब्त किए गए हैं।
विज्ञापन
विभाग का उद्देश्य है कि किसानों तक सिर्फ मंजूरशुदा कृषि सामग्री ही पहुंचे। विभाग के अनुसार समय रहते की गई इस कार्रवाई से बागवानों को संभावित फसल और आर्थिक नुकसान से बचाया गया है।