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Srinagar News: त्राल में 20 भेड़ों की मौत, कीटनाशक छिड़काव वाला घास चरने की आशंका
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संवाद न्यूज एजेंसी
पुलवामा। जिले के त्राल इलाके में वीरवार की देर रात संदिग्ध हालात में एक चरवाहे की 20 भेड़ों की मौत हो गई। इस घटना से पशुधन मालिक को भारी आर्थिक झटका लगा है। मवेशियों के चरने वाले क्षेत्रों की सुरक्षा को लेकर भी नई चिंताएं पैदा हो गई हैं। ये भेड़ें सीर त्राल के रहने वाले बिलाल अहमद की थीं।
बताया जा रहा है कि यह हादसा उस समय पेश आया जब मवेशियों को त्राल के कहलील इलाके में ऊंचाई पर स्थित चरागाहों की तरफ ले जाया जा रहा था। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इन बेजुबान जानवरों ने गिरने और दम तोड़ने से कुछ देर पहले उस घास को चरा था जिस पर कीटनाशकों के छिड़काव के कारण जहरीला असर होने की आशंका जताई जा रही है। देखते ही देखते सभी 20 भेड़ों ने दम तोड़ दिया। हालांकि मौत के सटीक कारणों की अभी तक आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हो पाई है।
इस दुखद घटना ने उन सभी चरवाहों और पशुपालकों के बीच गहरी चिंता पैदा कर दी है, जो अपनी आजीविका के लिए मौसमी चराई मार्गों पर निर्भर रहते हैं। इस घटना भेद पालन विभाग ने संज्ञान लेते हुए डॉक्टरों की एक टीम से इसकी जांच करने को कहा गया है। बता दें कि पिछले दो महीनों से भी कम समय में इस तरह की यह दूसरी घटना है।
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इससे पहले 26 अप्रैल को बडगाम जिले के कावूसा के यारीगुंड इलाके में भी संदिग्ध जहरीली परिस्थितियों के कारण आठ भेड़ों की मौत हो गई थी जिस पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। इस तरह की घटनाओं के बार-बार होने से अब पशुपालक उन क्षेत्रों में रसायनों और कीटनाशकों के अंधाधुंध इस्तेमाल की गहन जांच की मांग कर रहे हैं जहां अक्सर जानवर चरने जाते हैं ताकि भविष्य में ऐसे भारी नुकसान से बचा जा सके।
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पुलवामा। जिले के त्राल इलाके में वीरवार की देर रात संदिग्ध हालात में एक चरवाहे की 20 भेड़ों की मौत हो गई। इस घटना से पशुधन मालिक को भारी आर्थिक झटका लगा है। मवेशियों के चरने वाले क्षेत्रों की सुरक्षा को लेकर भी नई चिंताएं पैदा हो गई हैं। ये भेड़ें सीर त्राल के रहने वाले बिलाल अहमद की थीं।
बताया जा रहा है कि यह हादसा उस समय पेश आया जब मवेशियों को त्राल के कहलील इलाके में ऊंचाई पर स्थित चरागाहों की तरफ ले जाया जा रहा था। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इन बेजुबान जानवरों ने गिरने और दम तोड़ने से कुछ देर पहले उस घास को चरा था जिस पर कीटनाशकों के छिड़काव के कारण जहरीला असर होने की आशंका जताई जा रही है। देखते ही देखते सभी 20 भेड़ों ने दम तोड़ दिया। हालांकि मौत के सटीक कारणों की अभी तक आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हो पाई है।
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इस दुखद घटना ने उन सभी चरवाहों और पशुपालकों के बीच गहरी चिंता पैदा कर दी है, जो अपनी आजीविका के लिए मौसमी चराई मार्गों पर निर्भर रहते हैं। इस घटना भेद पालन विभाग ने संज्ञान लेते हुए डॉक्टरों की एक टीम से इसकी जांच करने को कहा गया है। बता दें कि पिछले दो महीनों से भी कम समय में इस तरह की यह दूसरी घटना है।
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इससे पहले 26 अप्रैल को बडगाम जिले के कावूसा के यारीगुंड इलाके में भी संदिग्ध जहरीली परिस्थितियों के कारण आठ भेड़ों की मौत हो गई थी जिस पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। इस तरह की घटनाओं के बार-बार होने से अब पशुपालक उन क्षेत्रों में रसायनों और कीटनाशकों के अंधाधुंध इस्तेमाल की गहन जांच की मांग कर रहे हैं जहां अक्सर जानवर चरने जाते हैं ताकि भविष्य में ऐसे भारी नुकसान से बचा जा सके।