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नितिन गडकरी बोले: तीन साल में बन जाएगा जम्मू-श्रीनगर हाईवे, आठ घंटे में पूरा होगा दिल्ली-कश्मीर का सफर
Tue, 28 Sep 2021 12:23 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 28 Sep 2021 12:23 AM IST
सार
केंद्रीय सड़क परिवहन राज्यमंत्री जनरल (सेवानिवृत्त) वीके सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में रोड कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए केंद्र सरकार हर संभव मदद करेगी। पर्यटन के साथ ही कारोबारी गतिविधियां बढ़ेंगी।
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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे का काम तीन वर्ष में पूरा हो जाएगा। मेगा हाईवे और टनल प्रोजेक्ट पूरा होने पर दिल्ली से कश्मीर तक सड़क से सफर आठ घंटे में पूरा होगा। यह घोषणा केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने की। गडकरी सोमवार को 3612 करोड़ की लागत से बनने वाले चार राष्ट्रीय राजमार्ग की आधारशिला रखने के दौरान बोल रहे थे। इन परियोजनाओं के तहत 121 किलोमीटर लंबी सड़कें बनेंगी।
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गडकरी ने कहा कि किसी क्षेत्र के सामाजिक आर्थिक विकास में रोड कनेक्टिविटी का महत्वपूर्ण योगदान होता है। मंत्रालय धन की कमी आड़े नहीं आने देगा। उन्होंने विश्वास दिलाया कि जम्मू-कश्मीर में पर्यटन और आर्थिक विकास के लिए सभी प्रकार की सुविधाएं मुहैया दी जाएंगी। नए प्रोजेक्ट रोड कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाएंगे जो स्थानीय लोगों की आजीविका के साधनों में वृद्धि के साथ ही पर्यटन व कारोबारी गतिविधियों को बढ़ावा देंगे। उन्होंने कहा कि दिल्ली से जम्मू हो या जम्मू से श्रीनगर, यात्रा समय को घटाकर आधा करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रतिष्ठित श्रीनगर रिंग रोड का काम 2023 के अंत तक पूरा हो जाएगा।
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कश्मीर दिसंबर 2022 तक रेल से जुड़ेगा कन्याकुमारी से
इस अवसर पर उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि यह परियोजनाएं प्रदेश में सामाजिक आर्थिक विकास को बुलंदी देंगे। पिछले कुछ वर्षों में जम्मू-कश्मीर के बुनियादी ढांचे में आधारभूत बदलाव आया है। 2014 तक पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर व लद्दाख में सात राष्ट्रीय राजमार्ग थे, जिनकी संख्या 2021 में बढ़कर अकेले जम्मू-कश्मीर में 11 हो गई है। 2015 में प्रधानमंत्री ने रोड के लिए 40900 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट घोषित किए थे। इनमें से 38 हजार करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। दिसंबर 2022 तक कश्मीर रेल से कन्याकुमारी से जुड़ जाएगा। पिछले एक साल में 11 टनल प्रोजेक्ट मंजूर हुए हैं। चिनैनी-किश्तवाड़ हाईवे पर 10 हजार करोड़ की लागत से चार टनल बनेंगी। जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर चार हजार करोड़ से टनल बन रही हैं। इसके अलावा तीन हजार करोड़ से पांच फ्लाईओवर भी बनेंगे।
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मनोज सिन्हा ने आगे कहा कि आज सड़क निर्माण की गति पहले की अपेक्षा काफी तेज है। इस साल आठ हजार किलोमीटर सड़कों पर तारकोल डालने का लक्ष्य रखा गया है। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर सड़क निर्माण में देशभर में तीसरे स्थान पर है। उप राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2014 से लोगों के जीवनस्तर में गुणात्मक परिवर्तन आया है। राष्ट्रीय राजमार्ग से लेकर ग्रामीण सड़कें काफी बेहतर हुई हैं। उन्होंने नितिन गडकरी को भी बधाई दी जिन्होंने देश में तेज गति से सड़क निर्माण का रिकॉर्ड बनाया।
केंद्र सरकार हर संभव मदद करेगी: वीके सिंह
केंद्रीय सड़क परिवहन राज्यमंत्री जनरल (सेवानिवृत्त) वीके सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में रोड कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए केंद्र सरकार हर संभव मदद करेगी। पर्यटन के साथ ही कारोबारी गतिविधियां बढ़ेंगी। इस अवसर पर एनएचएआई के सदस्य परियोजना मनोज कुमार, सांसद डॉ. फारूक अब्दुल्ला व हसनैन मसूदी, डीडीसी अध्यक्ष सफीना बेग व अन्य लोग उपस्थित थे।
इन परियोजनाओं का किया शिलान्यास
बारामुला-गुलमर्ग (43 किमी), दोनीपावा वाया आशाजीपोरा से एनएच 44 तक डबल लेन बाईपास, वैलू से दोनीपावा (28 किमी) व श्रीनगर रिंग रोड।