जम्मू कश्मीर: ओबीसी आरक्षण प्रक्रिया खत्म होने के बाद होंगे लोकल और पंचायत चुनाव- एलजी मनोज सिन्हा
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत हब्बा कदल पुल का नवीनीकरण लोगों के लिए बड़ा तोहफा है। 17.85 करोड़ रुपये की लागत से 5 किलोमीटर लंबे झेलम रिवर फ्रंट फेज 2 के लिए भी काम शुरू हो गया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि एक बार ओबीसी के लिए आरक्षण की प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद यूएलबी, पंचायतों के लिए चुनाव सही तरीके से कराए जाएंगे। बारामुला के लोगों से 26 जनवरी को झंडा ऊंचा रहे हमारा कार्यक्रम में भाग लेने का आग्रह किया। युवाओं की सक्रिय भागीदारी से जिले समृद्ध हो रहे हैं।
मनोज सिन्हा ने मंगलवार को कश्मीर में बर्फबारी की उम्मीद जताते हुए कहा कि बिजली परियोजनाओं को चलाने और पर्यटन क्षेत्र को फलने-फूलने के लिए बर्फ जरूरी है। उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले में एक समारोह को संबोधित करते हुए एलजी ने कहा कि वर्तमान में कश्मीर में शुष्क सर्दी बनी हुई है। उन्होंने कहा, “मैं भगवान से बर्फ के लिए प्रार्थना करता हूं क्योंकि बिजली परियोजनाओं को चलाने के लिए बर्फबारी जरूरी है, अन्यथा वे निष्क्रिय हो जाएंगी। पर्यटन क्षेत्र को समृद्ध बनाए रखने के लिए बर्फबारी भी जरूरी है।”
एलजी ने कहा कि पिछले साल 13 लाख पर्यटक गुलमर्ग आए थे और वहां बर्फ एक प्रमुख आकर्षण रही है। उन्होंने कहा, "बारामुला जिले में छह नए गंतव्यों को सूची में जोड़ा गया है, लेकिन बर्फ के अभाव में पर्यटक दूर रहना पसंद करेंगे।" एलजी ने कहा कि ओबीसी के लिए आरक्षण पूरा होने के तुरंत बाद शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) और पंचायतों के चुनाव शुरू किए जाएंगे। उन्होंने कहा, “उस दिशा में काम चल रहा है और एक बार प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद, यूएलबी और पंचायतों के लिए चुनाव होंगे।”
उपराज्यपाल ने बारामुला के लोगों से 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर झंडा ऊंचा रहे हमारा कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाग लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ''''मैं चाहता हूं कि बारामुला का आसमान तिरंगे से भर जाए।'''' उन्होंने कहा कि बारामुला जिला युवाओं की सक्रिय भागीदारी से सभी मोर्चों पर फल-फूल रहा है।
श्रीनगर देश में शहरी परिवर्तन का मॉडल बनकर उभरा
स्मार्ट सिटी परियोजना के कारण श्रीनगर देश में शहरी परिवर्तन का मॉडल बनकर उभरा है। यह देश भर में चर्चा का विषय है। यह बातें उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्रीनगर के शहर-ए-खास (डाउनटाउन) में पुनर्निर्मित हब्बा कदल पुल का उद्घाटन करने के बाद कही।
उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत पुल का नवीनीकरण लोगों के लिए बड़ा तोहफा है। 17.85 करोड़ रुपये की लागत से 5 किलोमीटर लंबे झेलम रिवर फ्रंट फेज 2 के लिए भी काम शुरू हो गया है। इसमें 24 घाट होंगे। उन्होंने कहा कि इससे शहर के निवासियों खासकर शहर-ए-खास के लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार होगा।
यह पूछे जाने पर कि क्या पिछली सरकारों ने शहर की अनदेखी की, इस पर उन्होंने कहा कि यह कहना सही नहीं होगा। जो हो रहा है, बहुत अच्छा हो रहा है। इस बीच डाउनटाउन के इतिहास को पुनर्जीवित करने को लेकर एलजी ने कहा कि इसके इतिहास को पूरी तरह पुनर्जीवित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि श्रीनगर की चर्चा अब देश के बड़े शहरों से ज्यादा हो रही है। खास तौर से 31 दिसंबर का वीडियो गोवा और बड़े शहरों के बजाए श्रीनगर का वीडियो देश में ज्यादा वायरल हो रहा है। इसके लिए आप लोगों को धन्यवाद। उन्होंने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को लेकर यह भी कहा कि इसमें श्रीनगर के निवासियों का भी एक बड़ा योगदान है और अधिकारियों ने भी अच्छा काम किया है।