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आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला है विज्ञान : कविंद्र गुप्ता
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लद्दाख के उपराज्यपाल ने चंडीगढ़ स्थित सीएसआईआर-सीएसआईओ में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस समारोह के दौर
- लद्दाख के उपराज्यपाल ने चंडीगढ़ में आयोजित राष्ट्रीय विज्ञान दिवस समारोह में लिया भाग
संवाद न्यूज एजेंसी
लेह। लद्दाख के उपराज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने कहा कि विज्ञान आत्मनिर्भर और विकसित भारत की आधारशिला है। उन्होंने वैज्ञानिकों और संस्थानों से शोध को समाज के हित में उपयोगी समाधानों में बदलने का आह्वान किया।
चंडीगढ़ स्थित सेंट्रल साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट्स ऑर्गेनाइजेशन में आयोजित राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2026 समारोह को संबोधित करते हुए उपराज्यपाल ने नोबेल पुरस्कार विजेता सर सीवी रमन को श्रद्धांजलि अर्पित की और वैज्ञानिक सोच तथा नवाचार के महत्व पर जोर दिया। विज्ञान में महिलाएं: विकसित भारत की उत्प्रेरक विषय पर कविंद्र गुप्ता ने वैज्ञानिक क्षेत्रों में महिलाओं की मजबूत भागीदारी की आवश्यकता पर बल दिया और आश्वासन दिया कि लद्दाख की कोई भी प्रतिभाशाली बेटी विज्ञान के क्षेत्र में करियर बनाने के अवसरों से वंचित नहीं रहेगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भारत का अगला नोबेल पुरस्कार किसी महिला वैज्ञानिक के नाम होगा।
लद्दाख को एक प्राकृतिक प्रयोगशाला बताते हुए उन्होंने राष्ट्रीय वैज्ञानिक संस्थानों से क्षेत्र को अग्रणी अनुसंधान केंद्र के रूप में विकसित करने का आग्रह किया। उन्होंने खगोल विज्ञान, सौर ऊर्जा, ग्लेशियर अध्ययन और शीत मरुस्थलीय कृषि जैसे क्षेत्रों में संभावनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने सीएसआईआर-सीएसआईओ और सिंधु केंद्रीय विश्वविद्यालय के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) का स्वागत किया तथा लेह में आईआईटी जम्मू के सैटेलाइट परिसर की स्थापना को लेकर चल रही चर्चाओं का भी उल्लेख किया।
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कार्यक्रम के दौरान उपराज्यपाल ने प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी का भी दौरा किया और वैज्ञानिकों एवं शोधकर्ताओं से संवाद किया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
लेह। लद्दाख के उपराज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने कहा कि विज्ञान आत्मनिर्भर और विकसित भारत की आधारशिला है। उन्होंने वैज्ञानिकों और संस्थानों से शोध को समाज के हित में उपयोगी समाधानों में बदलने का आह्वान किया।
चंडीगढ़ स्थित सेंट्रल साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट्स ऑर्गेनाइजेशन में आयोजित राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2026 समारोह को संबोधित करते हुए उपराज्यपाल ने नोबेल पुरस्कार विजेता सर सीवी रमन को श्रद्धांजलि अर्पित की और वैज्ञानिक सोच तथा नवाचार के महत्व पर जोर दिया। विज्ञान में महिलाएं: विकसित भारत की उत्प्रेरक विषय पर कविंद्र गुप्ता ने वैज्ञानिक क्षेत्रों में महिलाओं की मजबूत भागीदारी की आवश्यकता पर बल दिया और आश्वासन दिया कि लद्दाख की कोई भी प्रतिभाशाली बेटी विज्ञान के क्षेत्र में करियर बनाने के अवसरों से वंचित नहीं रहेगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भारत का अगला नोबेल पुरस्कार किसी महिला वैज्ञानिक के नाम होगा।
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लद्दाख को एक प्राकृतिक प्रयोगशाला बताते हुए उन्होंने राष्ट्रीय वैज्ञानिक संस्थानों से क्षेत्र को अग्रणी अनुसंधान केंद्र के रूप में विकसित करने का आग्रह किया। उन्होंने खगोल विज्ञान, सौर ऊर्जा, ग्लेशियर अध्ययन और शीत मरुस्थलीय कृषि जैसे क्षेत्रों में संभावनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने सीएसआईआर-सीएसआईओ और सिंधु केंद्रीय विश्वविद्यालय के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) का स्वागत किया तथा लेह में आईआईटी जम्मू के सैटेलाइट परिसर की स्थापना को लेकर चल रही चर्चाओं का भी उल्लेख किया।
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कार्यक्रम के दौरान उपराज्यपाल ने प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी का भी दौरा किया और वैज्ञानिकों एवं शोधकर्ताओं से संवाद किया।