अनुच्छेद 370 खत्म होने के बाद कश्मीर को सकारात्मक दृष्टि से देखा जाने लगा है। सैलानी घाटी में आने के लिए पहले सुरक्षा को लेकर चिंता में रहते थे लेकिन अब खुली वादियों में घूमना पसंद कर रहे हैं।
ट्रैवल फिनटेक सनकैश नाम की एक संस्था के सर्वे में सामने आया है कि 2023 की पहली तिमाही में कश्मीर सैलानियों की पहली पसंद रहा है। अकेले घूमने आने वाले सैलानियों के लिए कश्मीर घाटी सबसे पसंदीदा पर्यटन स्थलों में से एक है।
2 of 5
Srinagar Dal Lake
- फोटो : बासित जरगर
अकेले घूमने वाले 35 फीसदी लोग कश्मीर में अपनी छुट्टियां बिताना पंसद करते हैं। संस्था की रिपोर्ट के अनुसार अकेले घूमना पसंद करने वाले 25 फीसदी लोग मनाली तो 14 फीसदी लोग शिमला जाना चाहते हैं। मसूरी, सिक्कम और गोवा का क्रमशः नौ, सात और पांच प्रतिशत के साथ चौथा, पांचवां और छठा स्थान है।
3 of 5
Srinagar Dal Lake
- फोटो : बासित जरगर
पर्यटकों को भा रहे हैं घरेलू पर्यटन स्थल
देश में अपनी प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक समृद्धि के लिए प्रसिद्ध स्थलों के प्रति लोकप्रियता में वृद्धि देखी जा रही है। मार्च 2023 तक घरेलू यात्रा अधिक लोकप्रिय रही और घरेलू यात्रा कोरोना महामारी-पूर्व के स्तर को पार कर चुकी है। फिर से पर्यटन उद्योग को बल मिल रहा है और गर्मियों में पहाड़ी इलाकों के होटलों में बुकिंग एडवांस में हो रही है।
4 of 5
श्रीनगर में पतझड़ का मौसम हुआ शुरू
- फोटो : बासित जरगर
सर्वे करने वाली संस्था के सह-संस्थापक और सीईओ आकाश दहिया कहते हैं, घरेलू यात्रा के लिए यह रुझान महामारी से पहले के स्तर का 100 प्रतिशत है। यह एक उल्लेखनीय बदलाव का संकेत है।
5 of 5
Shikara post in Dal lake Srinagar
- फोटो : बासित जरगर
देश की युवा पीढ़ी में अकेला घूमने की प्रवृति बढ़ रही
रिपोर्ट के अनुसार, सबसे दिलचस्प पहलू यह निकलकर सामने आया कि देश की युवा पीढ़ी में एकल यात्रा प्रवृति बढ़ी है। युवा रोमांच वाले और नए स्थलों की खोज कर रहे हैं। वित्त वर्ष 23 की पहली तिमाही में नए और रोमांचक स्थलों को ढूंढने में 250 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की गई है। एकल यात्रा का चार्ट सबसे ऊपर है। स्वतंत्रत घूमने की इच्छा एकल यात्रा में वृद्धि का बड़ा कारण है।