{"_id":"642aa699e7f93dea0509b255","slug":"kashmir-apple-saffron-in-summer-and-mushroom-will-become-a-source-of-income-in-winter-2023-04-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"कश्मीर: गर्मी में सेब-केसर, सर्दी में मशरूम बनेगा आय का जरिया, इस प्रयोग में मिली सफलता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कश्मीर: गर्मी में सेब-केसर, सर्दी में मशरूम बनेगा आय का जरिया, इस प्रयोग में मिली सफलता
Mon, 03 Apr 2023 03:42 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Mon, 03 Apr 2023 03:42 PM IST
सार
कश्मीर घाटी में सर्दी के दौरान भारी बर्फबारी और शून्य से नीचे के तापमान के बावजूद नज़ीर अहमद ने एक मशरूम उगाने वाली इकाई स्थापित की और सफलता हासिल की है।
विज्ञापन
कश्मीरी केसर
- फोटो : बासित जरगर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के गंगू क्षेत्र के किसान नजीर अहमद डार ने सर्दी के मौसम में शून्य तापमान से नीचे मशरूम उगाने की उपलब्धि हासिल की है। पुलवामा दूध, केसर, सब्जियां, सेब और धान के उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है और अब मशरूम की खेती भी ग्रामीणों के लिए आमदनी का जरिया बनने लगी है।
विज्ञापन
कश्मीर घाटी में सर्दी के दौरान भारी बर्फबारी और शून्य से नीचे के तापमान के बावजूद नज़ीर अहमद ने एक मशरूम उगाने वाली इकाई स्थापित की और सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि यह मेरी बहुत ज्यादा मेहनत और कृषि विभाग के विशेषज्ञों की उपयोगी सलाह का परिणाम है। गौरतलब है कि नजीर अहमद ने 2018 में अपना मशरूम की खेती शुरू की था और तभी से वह कृषि विभाग से मार्गदर्शन प्राप्त कर रहे हैं।
विज्ञापन
हालांकि उन्होंने निजी तौर पर यह इकाई स्थापित की है, लेकिन विभाग से जुड़े अधिकारियों द्वारा उन्हें नियमित रूप से सलाह दी जाती है। इस साल उन्होंने 54 विभिन्न इकाइयां स्थापित की हैं।
विज्ञापन
फरवरी में शुरू किया था प्रयोग, मिली सफलता
फरवरी में नजीर अहमद ने सर्दियों में मशरूम की खेती का प्रायोगिक कदम उठाया जो सफल साबित हुआ। उन्होंने बताया कि वे तीन मशरूम फसलें उगा सकते हैं, जबकि कश्मीर घाटी में पारंपरिक रूप से केवल दो फसलें उगाई जाती हैं।
नजीर अहमद की निजी पहल से उनकी आमदनी में और इजाफा होने की संभावना है। इस सफल अनुभव ने घाटी में अन्य किसानों के लिए मार्ग प्रशस्त किया है। विभाग किसानों की आय दोगुनी करने के लिए नवाचार लाने का प्रयास करता है। अब मशरूम की खेती पुलवामा जिले के स्थानीय लोगों के लिए आय का एक अतिरिक्त स्रोत बन गई है, जो इसके पहले से ही विविध और फलते-फूलते कृषि क्षेत्र को जोड़ती है। - शौकत अहमद, मशरूम विकास अधिकारी, पुलवामा।