नए साल में रूठा मौसम: गुलमर्ग की बदली तस्वीर.... कश्मीर घाटी में कम बर्फबारी और बारिश ने बढ़ाई चिंताएं
गुलमर्ग में इस बार इतनी बर्फ नहीं है, जितनी होनी चाहिए। हर बार जनवरी माह में कम से कम एक फीट बर्फ तो रहती है, लेकिन इस बार स्थिति अलग है। गुलमर्ग की बिना बर्फबारी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रहीं हैं। इन तस्वीरों ने पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों की चिंताओं को बढ़ा दिया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि गुलमर्ग में इस बार इतनी बर्फ नहीं है, जितनी होनी चाहिए। हर बार जनवरी माह में कम से कम एक फीट बर्फ तो रहती है, लेकिन इस बार स्थिति अलग है। गुलमर्ग की बिना बर्फबारी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रहीं हैं। इन तस्वीरों ने पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों की चिंताओं को बढ़ा दिया है।
झेलम का जलस्तर हुआ कम, सांस संबंधी दिक्कतें भी बढ़ीं
इस साल शुष्क मौसम के चलते श्रीनगर के बीच बहने वाली झेलम नदी में भी जलस्तर कम है। वहीं बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। खासकर सांस रोग से संबंधित। सीओपीडी और अस्थमा के मामलों में भी बढ़ोतरी हो रही है। डॉक्टरों के अनुसार ओपीडी के मामलों में सर्दियों में अक्सर बढ़ोतरी होती है, लेकिन इस बार खासकर शुष्क मौसम से इस बढ़ोतरी में सौ प्रतिशत वृद्धि हुई है।
डॉक्टरों का कहना है कि पहले से ही बढ़े प्रदूषण के बीच ठंड का यह मौसम सांस के रोगियों के लिए काफी जटिलताओं वाला साबित हो रहा है। जिन लोगों काे सांस की समस्या है, उन्हें इन दिनों विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है। पल्मोनोलॉजी के माहिर डॉ. नवीद नजीर ने बताया है कि कुछ दिनों से अस्पतालों में सांस की क्रोनिक बीमारी से पीड़ित लोगों में गंभीर जटिलताओं के मामले बढ़ते हुए देखे गए हैं। ब्रोंकाइटिस, छाती में संक्रमण, निमोनिया, अस्थमा और सीओपीडी के मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी रिपोर्ट की जा रही है।
घाटी के किसानों का कहना है कि अगर पेड़ पौधों को पर्याप्त मात्रा में नमी नहीं मिल पाई, तो उत्पादन पर काफी असर पड़ेगा। सेब उगाने वाले किसान भी चिंतित हैं। अब तक बर्फ रहित सर्दी के चलते बारामुला के 45 वर्षीय बशीर अहमद सहित कई अन्य किसान बगीचों की सिंचाई कराने पर विचार कर रहे हैं।
बशीर ने कहा, शुष्क मौसम किसानों के लिए चिंता वाला है। उत्तरी कश्मीर सेब उत्पादक संघ के अध्यक्ष फैयाज अहमद ने कहा कि शुष्क मौसम सेब के बगीचों पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगा। अगले 15 दिन किसानों के लिए महत्वपूर्ण हैं। अगर अगले दो सप्ताह के दौरान कश्मीर में बर्फबारी नहीं हुई तो बगीचों को भारी नुकसान होगा। मिट्टी में नमी सेब के पेड़ों और फलों की गुणवत्ता के लिए महत्वपूर्ण है। हम गर्मी के दिनों में भी पानी की आपूर्ति के लिए बर्फबारी पर निर्भर रहते हैं।
बर्फबारी कम होने या न होने से फलों की गुणवत्ता पर असर पड़ता है। गौरतलब है कि पिछले साल दिसंबर में बारिश में 79 प्रतिशत की कमी आई थी। एक विशेषज्ञ इरशाद अहमद भट ने कहा कि लंबे समय तक सूखा रहने से सेब के पेड़ बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं। उन्होंने कहा कि बर्फ रहित सर्दी के चलते निगरानी और प्रबंधन की पर्याप्त आवश्यकता है।
गुलमर्ग में स्कीइंग इंस्ट्रक्टर वसीम ने कहा कि पिछले साल अब तक बेसिक सक्किंग कोर्स शुरू कर दिए थे, लेकिन इस बार बर्फबारी कम होने से स्कीइंग कोर्स की शुरुआत संभव नहीं हो पाई है। इस बार कोर्स डिले करने पड़ रहे हैं। कुछ स्कीइंग की प्रैक्टिस अफरवट और बूटापथरी की पहाड़ियों पर कराई जा रही है। बड़े पैमाने पर कोर्स शुरू करना अभी संभव नहीं दिख रहा। एक कोर्स इस महीने की 15 तारीख से शुरू होना है, लेकिन जिस तरह से मौसम विभाग ने आसार जताए हैं, उससे लगता है कि उक्त तारीख पर संभव नहीं होगा।
सीजन की शुरुआत में हुई थी बर्फबारी
मोहम्मद सुभान ने कहा, इस सीजन की शुरुआत में बर्फबारी हुई थी। इससे उम्मीद जगी थी कि विंटर सीजन अच्छा जाएगा। लेकिन जनवरी में बर्फबारी न होना चिंताजनक है। हमारा रोजगार ही बर्फबारी पर निर्भर है। जिस तरह से सोशल मीडिया पर बिना बर्फ के गुलमर्ग की तस्वीरें वायरल हो रही हैं, उससे पर्यटक यहां का रुख करना बंद कर देंगे। टूर एंड ट्रेवल ऑपरेटर मुस्तफा ने भी कहा कि उनके पास जो बुकिंग हैं, उनमें से अधिक लोग बर्फ के बारे में पूछ रहे हैं। यही हाल रहा, तो ऐसा न हो कि बुकिंग कैंसल हो जाने का खतरा है।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.