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Srinagar News: उद्घाटन के लिए लगाया तिरंगा रिबन, सीएम र ने काटने से किया इन्कार

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उद्घाटन में काटने के लिए लगाए तिरंगा रिबन को समेटते मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला। - फोटो : shrinagar news
श्रीनगर। शहर के पुराने कश्मीर हाट में बुधवार को नो योर आर्टिजन हस्तशिल्प मेले का शुभारंभ मुख्यमंत्री उमर ने किया। इस दौरान उद्घाटन के लिए तिरंगा फीता लगाया गया था। उमर ने इसे काटने से इन्कार कर दिया और ससम्मान खुद लपेटकर रखवाया। इस मामले में अब भाजपा ने कार्रवाई की मांग की है, वहीं मुख्यमंत्री उमर के फैसले की सराहना भी की है।
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बुधवार सुबह करीब 11 बजे मुख्यमंत्री उद्घाटन के लिए कश्मीर हाट पहुंचे। जब वह फीता काटने आगे आए तो वहां तिरंगा फीता लगा था। मुख्यमंत्री उमर ने काटने की जगह कैंची वापस की और खुद इसे ससम्मान समेटते हुए बराबर में खड़े अधिकारी से जवाब मांगा। वे फीते को रखवाने के बाद अंदर चले गए। इस पूरे मामले का वीडियो भी वायरल हुआ है।
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वीडियो वायरल होने के बाद भाजपा प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने इस मामले में बुधवार शाम को बयान जारी किया। उन्होंने इसे बेहद संवेदनशील और अस्वीकार्य कृत्य बताया और राष्ट्रीय ध्वज के अपमान में शामिल अधिकारी के लिए कड़ी सजा की मांग की। उन्होंने कहा, तिरंगा भारत के गौरव, एकता का प्रतीक है, उसे कभी भी महज एक रस्मी चीज तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए। उद्घाटन के दौरान काटे जाने वाले रिबन के तौर पर राष्ट्रीय ध्वज का इस्तेमाल करना, उसकी पवित्रता के प्रति समझ और सम्मान की गंभीर कमी को दर्शाता है। शामिल अधिकारी को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
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उन्होंने रिबन काटने से इनकार करने के लिए मुख्यमंत्री की सराहना की और कहा कि मुख्यमंत्री के इस फैसले ने राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा को बनाए रखा है। मुख्यमंत्री का इनकार एक शक्तिशाली संदेश देता है कि राष्ट्रीय प्रतीक प्रोटोकॉल और रस्मी रिवाजों से ऊपर है। यह तिरंगे के प्रति गहरी जिम्मेदारी और सम्मान की भावना को दर्शाता है।

उन्होंने कहा, यह कोई छोटी-मोटी चूक नहीं, बल्कि एक गंभीर गलती है। जिन अधिकारियों ने ऐसे कृत्य की अनुमति दी या उसे डिजाइन किया, उनकी पहचान की जानी चाहिए और बिना किसी देरी के उन्हें निलंबित किया जाना चाहिए। यह सुनिश्चित करने के लिए कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। इसके लिए सजा जरूरी है। राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करना एक मौलिक कर्तव्य है, खासकर उन लोगों के लिए जो सार्वजनिक सेवा में हैं। उन्होंने प्रशासन से जवाबदेही तय करने और भविष्य में राष्ट्रीय प्रतीकों के किसी भी दुरुपयोग को रोकने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने का आह्वान किया।
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