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Srinagar News: स्टाइपेंड बढ़ोतरी को लेकर जीएमसी बेमिना में रात को भी प्रदर्शन, छात्रों से मिलने पहुंचीं महबूबा मुफ्ती
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श्रीनगर। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती मंगलवार देर रात श्रीनगर स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) बेमिना पहुंचीं। वहां उन्होंने स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की मांग को लेकर रात को धरना दे रहे मेडिकल छात्रों और इंटर्न डॉक्टरों से मुलाकात की और उनके आंदोलन को अपना पूरा समर्थन दिया।
प्रदर्शनकारी डॉक्टरों को संबोधित करते हुए महबूबा मुफ्ती ने कहा कि जो युवा डॉक्टर रात-दिन लंबी शिफ्टों में मरीजों की जान बचा रहे हैं, उन्हें अपने बुनियादी हक के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर होना पड़ रहा है, जो बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि यह केवल स्टाइपेंड का मामला नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले इन डॉक्टरों के सम्मान, न्याय और उनके काम की पहचान से जुड़ा विषय है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से अपील की कि वे जल्द से जल्द प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात करें और एक हफ्ते के भीतर इस समस्या का समाधान निकालें। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इन युवा डॉक्टरों की जायज मांगों को नजरअंदाज किया गया तो पीडीपी भी इनके हक के लिए सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी।
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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी बात रखते हुए महबूबा ने लिखा कि हमारे भविष्य के इन डॉक्टरों को 30,000 रुपये तक के वाजिब स्टाइपेंड के लिए सड़कों पर धकेला जाना पीड़ादायक है। 36-36 घंटे की थका देने वाली ड्यूटी करने वाले इन डॉक्टरों के समर्पण को सरकार की उपेक्षा नहीं मिलनी चाहिए। जो सरकार उनसे त्याग और सेवा की उम्मीद रखती है, उसे उनके सम्मान और गरिमा की भी फिक्र करनी होगी। गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर भर के मेडिकल कॉलेजों में इंटर्न डॉक्टर अपने मौजूदा स्टाइपेंड को बढ़ाकर 30,000 रुपये प्रति माह करने की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।
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प्रदर्शनकारी डॉक्टरों को संबोधित करते हुए महबूबा मुफ्ती ने कहा कि जो युवा डॉक्टर रात-दिन लंबी शिफ्टों में मरीजों की जान बचा रहे हैं, उन्हें अपने बुनियादी हक के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर होना पड़ रहा है, जो बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि यह केवल स्टाइपेंड का मामला नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले इन डॉक्टरों के सम्मान, न्याय और उनके काम की पहचान से जुड़ा विषय है।
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पूर्व मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से अपील की कि वे जल्द से जल्द प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात करें और एक हफ्ते के भीतर इस समस्या का समाधान निकालें। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इन युवा डॉक्टरों की जायज मांगों को नजरअंदाज किया गया तो पीडीपी भी इनके हक के लिए सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी।
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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी बात रखते हुए महबूबा ने लिखा कि हमारे भविष्य के इन डॉक्टरों को 30,000 रुपये तक के वाजिब स्टाइपेंड के लिए सड़कों पर धकेला जाना पीड़ादायक है। 36-36 घंटे की थका देने वाली ड्यूटी करने वाले इन डॉक्टरों के समर्पण को सरकार की उपेक्षा नहीं मिलनी चाहिए। जो सरकार उनसे त्याग और सेवा की उम्मीद रखती है, उसे उनके सम्मान और गरिमा की भी फिक्र करनी होगी। गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर भर के मेडिकल कॉलेजों में इंटर्न डॉक्टर अपने मौजूदा स्टाइपेंड को बढ़ाकर 30,000 रुपये प्रति माह करने की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।