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नियुक्ति पत्र सिर्फ एक कागज नहीं, जनता की सेवा की जिम्मेदारी है: इत्तू
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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर की स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सकीना इत्तू ने बुधवार को नवचयनित डॉक्टरों से बिना किसी भेदभाव और पूरी संवेदनशीलता के साथ मरीजों की सेवा करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि नियुक्ति पत्र केवल एक सरकारी दस्तावेज नहीं है, बल्कि इसके साथ आम जनता, विशेषकर दूरदराज और वंचित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सेवा की बहुत बड़ी जिम्मेदारी जुड़ी होती है।
श्रीनगर के एसकेआईसीसी में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के चिकित्सा अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरण समारोह के दौरान मंत्री ने यह बात कही। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर लोक सेवा आयोग (जेकेपीएससी) के माध्यम से चयनित करीब 400 डॉक्टरों को नियुक्ति आदेश सौंपे। सकीना इत्तू ने सभी नवनियुक्त डॉक्टरों और उनके अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि डॉक्टर बनना एक बेहद कठिन चुनौती और वर्षों की कड़ी मेहनत का परिणाम है, जिसमें परिवारों का त्याग और समर्थन बराबर का हकदार है।
डॉक्टरों के आचरण और व्यवहार पर विशेष जोर देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मरीज उम्मीद और अटूट भरोसे के साथ डॉक्टर के पास आता है। उन्होंने डॉक्टरों को निर्देश दिया कि वे मरीज की आर्थिक या सामाजिक स्थिति देखे बिना हर किसी का एक समान और सम्मानजनक इलाज करें।
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सकीना इत्तू ने नए डॉक्टरों से अपील की कि वे केवल श्रीनगर या जम्मू जैसे बड़े शहरों के इर्द-गिर्द पोस्टिंग पाने की कोशिश न करें, बल्कि सुदूर और ग्रामीण इलाकों में सेवाएं देने को प्राथमिकता दें, जहां डॉक्टरों की भारी कमी है।
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श्रीनगर के एसकेआईसीसी में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के चिकित्सा अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरण समारोह के दौरान मंत्री ने यह बात कही। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर लोक सेवा आयोग (जेकेपीएससी) के माध्यम से चयनित करीब 400 डॉक्टरों को नियुक्ति आदेश सौंपे। सकीना इत्तू ने सभी नवनियुक्त डॉक्टरों और उनके अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि डॉक्टर बनना एक बेहद कठिन चुनौती और वर्षों की कड़ी मेहनत का परिणाम है, जिसमें परिवारों का त्याग और समर्थन बराबर का हकदार है।
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डॉक्टरों के आचरण और व्यवहार पर विशेष जोर देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मरीज उम्मीद और अटूट भरोसे के साथ डॉक्टर के पास आता है। उन्होंने डॉक्टरों को निर्देश दिया कि वे मरीज की आर्थिक या सामाजिक स्थिति देखे बिना हर किसी का एक समान और सम्मानजनक इलाज करें।
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सकीना इत्तू ने नए डॉक्टरों से अपील की कि वे केवल श्रीनगर या जम्मू जैसे बड़े शहरों के इर्द-गिर्द पोस्टिंग पाने की कोशिश न करें, बल्कि सुदूर और ग्रामीण इलाकों में सेवाएं देने को प्राथमिकता दें, जहां डॉक्टरों की भारी कमी है।