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गुरेज बर्दाश्त नहीं करेगा कचरे का संकट : चिब

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डीसी की चेतावनी, नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
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संवाद न्यूज एजेंसी

बांदीपोरा। डीसी इंदु कंवल चिब ने कहा है कि पर्यावरण की रक्षा के साथ ही पर्यटन को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील गुरेज घाटी में कचरा प्रबंधन के नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कचरा लापरवाही से फेंका जाता रहा तो कैंपिंग साइट्स और अन्य पर्यटन प्रतिष्ठान बंद भी किए जा सकते हैं। डीसी ने बुधवार को विस्तारित उत्पादक जिम्मेदारी पर आयोजित एक दिवसीय सम्मेलन में यह बात कही।
उन्होंने बताया कि बांदीपोरा में रोजाना करीब 43.7 टन ठोस कचरा निकलता है। वहीं, पर्यटन सीजन में आगंतुकों की संख्या बढ़ने से अकेले गुरेज में रोजाना लगभग 2.5 टन कचरा उत्पन्न हो रहा है। प्रशासन ने घाटी में कई कचरा हॉटस्पॉट चिह्नित किए हैं। डीसी ने कैंप साइट मालिकों, होटलियर्स और अन्य पर्यटन हितधारकों को कचरे का वैज्ञानिक तरीके से संग्रह, वर्गीकरण और निपटान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डीसी ने कहा कि प्रदूषण रोकने की पहली जिम्मेदारी स्थानीय हितधारकों की है।
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पर्यटन से आजीविका के अवसर मिले हैं, लेकिन हम पर्यावरण से समझौता नहीं कर सकते। अगर कचरा इसी तरह जमा होता रहा तो सख्त कार्रवाई होगी। डीसी ने बताया कि विस्तारित उत्पादक जिम्मेदारी के तहत पैकेज्ड फूड, मिनरल वाटर की बोतलें और पेय पदार्थों के कंटेनर बनाने या बेचने वाली कंपनियों को भी उस प्लास्टिक कचरे को इकट्ठा करने और प्रबंधन की जिम्मेदारी लेनी होगी। सम्मेलन में पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण, पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और कई निजी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
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डीसी ने माना कि पिछले दो साल में गुरेज में पर्यटन तेजी से बढ़ा है, लेकिन कई हितधारकों में वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन को लेकर जागरुकता की कमी है। उन्होंने कहा कि हमने चुनौतियां और कुछ हद तक लापरवाही दोनों देखी है। अगर अभी काम किया तो गुरेज के नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र को बचा सकते हैं। डीसी ने कहा कि जल्द ही गुरेज के पारिस्थितिक महत्व और काले जीरे जैसे औषधीय पौधों को उजागर करने वाले हेरिटेज और सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे।

अस्थायी पोस्टरों के बजाय घाटी में कलात्मक वॉल पेंटिंग भी बनाई जाएंगी। वन विभाग के साथ मिलकर इन पहलों का पहला चरण अगले 7 से 10 दिनों में दिखने लगेगा। उन्होंने कहा कि कचरा फेंकने पर नजर रखने के लिए निगरानी व्यवस्था मजबूत की जाएगी। सेना की 109 ब्रिगेड के प्रतिनिधियों ने लोगों से घरों से ही कचरे का वर्गीकरण और जिम्मेदारी से निपटान शुरू करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सेना और गुरेज के लोगों के बीच आपसी विश्वास और सहयोग का रिश्ता हमेशा से मिसाल रहा है और घाटी को साफ रखने के लिए प्रशासन और स्थानीय समुदाय के साथ मिलकर काम जारी रहेगा।
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