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Srinagar News: एसीबी ने सरकारी फंड के गबन में चार्जशीट दाखिल की
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- पूर्व बीडीओ, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर और पांच अन्य पर हैं आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। एंटी-करप्शन ब्यूरो जम्मू-कश्मीर ने बारामुला की एंटी-करप्शन स्पेशल जज की अदालत में छह सरकारी कर्मचारियों और एक लाभार्थी ठेकेदार के खिलाफ चार्जशीट दायर की है। इन पर कुपवाड़ा के लोलाब, लालपोरा ब्लॉक में विकास कार्यों के लिए मिले सरकारी फंड में भ्रष्टाचार, आपराधिक साज़िश, धोखाधड़ी और गबन में शामिल होने का आरोप है।
यह मामला लोलाब में ग्रामीण विकास विभाग के जरिए किए गए विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की शिकायत से शुरू हुआ था। तत्कालीन विजिलेंस ऑर्गनाइजेशन कश्मीर (अब एंटी-करप्शन ब्यूरो) की जांच में मार्गी डाइवर (करिवां) में सरबंद का निर्माण - चरण-1 और डाइवर-बी में मछली पालन तालाब का निर्माण जैसे कार्यों को पूरा करने में गंभीर गड़बड़ियां पाई गईं। जांच में गलत माप, ऐसे काम के हिस्सों की बिलिंग जो कभी हुए ही नहीं, जरूरी मंज़ूरी के बिना वन भूमि पर काम करना और अधूरे व घटिया काम के लिए पेमेंट जारी करने जैसी बातें सामने आईं। इसके बाद एफआईआर दर्ज की गई और जांच शुरू की गई।
अभियोजन के अनुसार जांच से पता चला कि आरोपी सरकारी कर्मचारियों ने लाभार्थी ठेकेदार के साथ आपराधिक साजिश रचकर अपने पद का गलत इस्तेमाल किया। उन्होंने धोखाधड़ी से काम पूरा करने, गलत रिकॉर्ड बनाने, माप बढ़ाकर दिखाने और सरकारी फंड को बिना मंजूरी के जारी करने में मदद की। जांच में सरकारी खजाने को नुकसान होने का पता चला, जो कभी न हुए कामों, ज्यादा माप दिखाने, घटिया काम और धोखाधड़ी वाले दावों की वजह से हुआ था। यह भी पाया गया कि बिल बढ़ाने और अनुचित आर्थिक लाभ पाने के लिए सरकारी रिकॉर्ड में पेड़ काटने से जुड़ी फर्जी एंट्रीज की गई थीं।
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नौकरी में मौजूद सरकारी कर्मचारियों के संबंध में सक्षम अधिकारी से ज़रूरी अभियोजन मंज़ूरी मिलने के बाद, एंटी-करप्शन ब्यूरो ने मोहम्मद सुल्तान भट (तत्कालीन ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर, सोगाम/लालपोरा), इंजीनियर सुरिंदर कुमार शर्मा (तत्कालीन एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, आरईडब्ल्यू डिवीजन कुपवाड़ा) और मोहम्मद. के खिलाफ चार्जशीट दायर की। शफी बुखारी (तत्कालीन असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, आईडब्ल्यू कुपवाड़ा), तैमूर अहमद खान (तत्कालीन जूनियर इंजीनियर, आईडब्ल्यू लालपोरा), निसार अहमद खान (तत्कालीन जूनियर इंजीनियर, आईडब्ल्यू लालपोरा), मो. सलीम डार (तत्कालीन विलेज लेवल वर्कर/पंचायत सचिव) और वसीम महमूद खान (लाभार्थी ठेकेदार) - इन सभी आरोपियों को अदालत के सामने पेश किया गया और अदालत की संतुष्टि के अनुसार पर्सनल बॉन्ड भरने पर उन्हें जमानत दे दी गई।
आरोपियों पर जम्मू-कश्मीर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, एसवीटी 2006 की धारा 5(1)(सी) के साथ धारा 5(1)(डी) और धारा 5(2), और रणबीर दंड संहिता के अन्य संबंधित प्रावधानों के तहत अपराधों के लिए आरोप-पत्र दाखिल किया गया है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 25-08-2026 की तारीख तय की है।
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। एंटी-करप्शन ब्यूरो जम्मू-कश्मीर ने बारामुला की एंटी-करप्शन स्पेशल जज की अदालत में छह सरकारी कर्मचारियों और एक लाभार्थी ठेकेदार के खिलाफ चार्जशीट दायर की है। इन पर कुपवाड़ा के लोलाब, लालपोरा ब्लॉक में विकास कार्यों के लिए मिले सरकारी फंड में भ्रष्टाचार, आपराधिक साज़िश, धोखाधड़ी और गबन में शामिल होने का आरोप है।
यह मामला लोलाब में ग्रामीण विकास विभाग के जरिए किए गए विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की शिकायत से शुरू हुआ था। तत्कालीन विजिलेंस ऑर्गनाइजेशन कश्मीर (अब एंटी-करप्शन ब्यूरो) की जांच में मार्गी डाइवर (करिवां) में सरबंद का निर्माण - चरण-1 और डाइवर-बी में मछली पालन तालाब का निर्माण जैसे कार्यों को पूरा करने में गंभीर गड़बड़ियां पाई गईं। जांच में गलत माप, ऐसे काम के हिस्सों की बिलिंग जो कभी हुए ही नहीं, जरूरी मंज़ूरी के बिना वन भूमि पर काम करना और अधूरे व घटिया काम के लिए पेमेंट जारी करने जैसी बातें सामने आईं। इसके बाद एफआईआर दर्ज की गई और जांच शुरू की गई।
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अभियोजन के अनुसार जांच से पता चला कि आरोपी सरकारी कर्मचारियों ने लाभार्थी ठेकेदार के साथ आपराधिक साजिश रचकर अपने पद का गलत इस्तेमाल किया। उन्होंने धोखाधड़ी से काम पूरा करने, गलत रिकॉर्ड बनाने, माप बढ़ाकर दिखाने और सरकारी फंड को बिना मंजूरी के जारी करने में मदद की। जांच में सरकारी खजाने को नुकसान होने का पता चला, जो कभी न हुए कामों, ज्यादा माप दिखाने, घटिया काम और धोखाधड़ी वाले दावों की वजह से हुआ था। यह भी पाया गया कि बिल बढ़ाने और अनुचित आर्थिक लाभ पाने के लिए सरकारी रिकॉर्ड में पेड़ काटने से जुड़ी फर्जी एंट्रीज की गई थीं।
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नौकरी में मौजूद सरकारी कर्मचारियों के संबंध में सक्षम अधिकारी से ज़रूरी अभियोजन मंज़ूरी मिलने के बाद, एंटी-करप्शन ब्यूरो ने मोहम्मद सुल्तान भट (तत्कालीन ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर, सोगाम/लालपोरा), इंजीनियर सुरिंदर कुमार शर्मा (तत्कालीन एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, आरईडब्ल्यू डिवीजन कुपवाड़ा) और मोहम्मद. के खिलाफ चार्जशीट दायर की। शफी बुखारी (तत्कालीन असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, आईडब्ल्यू कुपवाड़ा), तैमूर अहमद खान (तत्कालीन जूनियर इंजीनियर, आईडब्ल्यू लालपोरा), निसार अहमद खान (तत्कालीन जूनियर इंजीनियर, आईडब्ल्यू लालपोरा), मो. सलीम डार (तत्कालीन विलेज लेवल वर्कर/पंचायत सचिव) और वसीम महमूद खान (लाभार्थी ठेकेदार) - इन सभी आरोपियों को अदालत के सामने पेश किया गया और अदालत की संतुष्टि के अनुसार पर्सनल बॉन्ड भरने पर उन्हें जमानत दे दी गई।
आरोपियों पर जम्मू-कश्मीर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, एसवीटी 2006 की धारा 5(1)(सी) के साथ धारा 5(1)(डी) और धारा 5(2), और रणबीर दंड संहिता के अन्य संबंधित प्रावधानों के तहत अपराधों के लिए आरोप-पत्र दाखिल किया गया है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 25-08-2026 की तारीख तय की है।