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ऊन प्रसंस्करण इकाई की स्थापना के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश
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अनंतनाग। केंद्रीय सहकारिता एवं विकास राज्य मंत्री (डीओएनईआर) बीएल वर्मा ने रविवार को अनंतनाग के अपने दो दिवसीय दौरे का समापन किया। मंत्री ने जिले में केंद्र प्रायोजित योजनाओं की समीक्षा के लिए अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने संबंधित अधिकारी को यूटी में ऊन प्रसंस्करण इकाई की स्थापना के संबंध में एक प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया। कहा, यह इकाई अधिक से अधिक लोगों को भेड़ पालन के लिए प्रोत्साहित करेगी।
वर्मा ने हर घर नल से जल योजना के कार्यान्वयन के बारे में जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि इसके लिए योजनाएं जेजेएम के तहत कार्यान्वित की जा रही हैं। राज्य मंत्री ने कहा कि इस पहल से जुड़ी योजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाना चाहिए ताकि जिले के प्रत्येक घर में पेयजल पहुंच सके
मंत्री ने आरएंडबी, शिक्षा, स्वास्थ्य, केपीडीसीएल, जलशक्ति, डीआईसी, खेल परिषद, हस्तशिल्प व हथकरघा, कृषि, बागवानी और अन्य विभागों में क्षेत्रवार भौतिक और वित्तीय प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों के तहत किए गए कार्यों को समय पर पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने पीएमएवाई (जी), पीएमएवाई (यू), सीआरएफ, सुस्त, पीएमजीएसवाई, पीएमडीपी, पीएम सेहत, ओएससी, पीएम पोषण, समग्र शिक्षा, एनएसएपी, आईएसएसएस, छात्रवृत्ति, पीएमईजीपी, मुमकिन, तेजस्विनी के कार्यान्वयन का जायजा लिया। भेड़ पालन इकाइयों की क्षमता पर चर्चा करते हुए केंद्रीय मंत्री को बताया गया कि यूटी में मटन और ऊन का उत्पादन बढ़ रहा है और यह अभी भी मांस का शुद्ध आयातक है और उत्पादन को और बढ़ाने की गुंजाइश है। ऊन उत्पादन के संबंध में उन्हें बताया गया कि जम्मू-कश्मीर में ऊन प्रसंस्करण उद्योग की अनुपलब्धता के कारण असंसाधित ऊन को यूटी के बाहर निर्यात किया जा रहा है और प्रजनकों को उनके असंसाधित उत्पाद के लिए खराब कीमत मिलती है।
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इस दौरान अनंतनाग के उपायुक्त ने जनसांख्यिकी, भूगोल, स्वास्थ्य सुविधाओं, प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और जिला विकास योजना का संक्षिप्त विवरण दिया। कहा कि हाल ही में जिले में चौथे चरण का बैक टू विलेज कार्यक्रम संपन्न हुआ। इसमें 335 पंचायतों को कवर किया गया। इस दौरान अनंतनाग की अनूठी पहल जैसे सुकून, पुकार, होम स्टे और अछाबल में शहद प्रसंस्करण संयंत्र के बारे में भी मंत्री को जानकारी दी गई। केंद्रीय मंत्री ने कोकेरनाग में 2.68 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित एएनएम स्कूल का ई-उद्घाटन किया। इसके अलावा 50 लाख रुपये की लागत से बनने वाले बीडीओ कार्यालय लारनू का ई-शिलान्यास किया।
नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए मंत्री ने अनंतनाग के तीन छात्रों और उनके सलाहकारों के बीच प्रशंसा पत्र और नकद पुरस्कार वितरित किए। जिन्होंने हाल ही में एक एग इनक्यूबेटर का आविष्कार किया था। मंत्री को बताया गया कि सहकारिता विभाग जिले में खाद्य प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित करने की योजना बना रहा है ताकि किसानों को कृषि उपज का बेहतर मूल्य मिल सके।
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वर्मा ने हर घर नल से जल योजना के कार्यान्वयन के बारे में जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि इसके लिए योजनाएं जेजेएम के तहत कार्यान्वित की जा रही हैं। राज्य मंत्री ने कहा कि इस पहल से जुड़ी योजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाना चाहिए ताकि जिले के प्रत्येक घर में पेयजल पहुंच सके
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मंत्री ने आरएंडबी, शिक्षा, स्वास्थ्य, केपीडीसीएल, जलशक्ति, डीआईसी, खेल परिषद, हस्तशिल्प व हथकरघा, कृषि, बागवानी और अन्य विभागों में क्षेत्रवार भौतिक और वित्तीय प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों के तहत किए गए कार्यों को समय पर पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने पीएमएवाई (जी), पीएमएवाई (यू), सीआरएफ, सुस्त, पीएमजीएसवाई, पीएमडीपी, पीएम सेहत, ओएससी, पीएम पोषण, समग्र शिक्षा, एनएसएपी, आईएसएसएस, छात्रवृत्ति, पीएमईजीपी, मुमकिन, तेजस्विनी के कार्यान्वयन का जायजा लिया। भेड़ पालन इकाइयों की क्षमता पर चर्चा करते हुए केंद्रीय मंत्री को बताया गया कि यूटी में मटन और ऊन का उत्पादन बढ़ रहा है और यह अभी भी मांस का शुद्ध आयातक है और उत्पादन को और बढ़ाने की गुंजाइश है। ऊन उत्पादन के संबंध में उन्हें बताया गया कि जम्मू-कश्मीर में ऊन प्रसंस्करण उद्योग की अनुपलब्धता के कारण असंसाधित ऊन को यूटी के बाहर निर्यात किया जा रहा है और प्रजनकों को उनके असंसाधित उत्पाद के लिए खराब कीमत मिलती है।
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इस दौरान अनंतनाग के उपायुक्त ने जनसांख्यिकी, भूगोल, स्वास्थ्य सुविधाओं, प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और जिला विकास योजना का संक्षिप्त विवरण दिया। कहा कि हाल ही में जिले में चौथे चरण का बैक टू विलेज कार्यक्रम संपन्न हुआ। इसमें 335 पंचायतों को कवर किया गया। इस दौरान अनंतनाग की अनूठी पहल जैसे सुकून, पुकार, होम स्टे और अछाबल में शहद प्रसंस्करण संयंत्र के बारे में भी मंत्री को जानकारी दी गई। केंद्रीय मंत्री ने कोकेरनाग में 2.68 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित एएनएम स्कूल का ई-उद्घाटन किया। इसके अलावा 50 लाख रुपये की लागत से बनने वाले बीडीओ कार्यालय लारनू का ई-शिलान्यास किया।
नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए मंत्री ने अनंतनाग के तीन छात्रों और उनके सलाहकारों के बीच प्रशंसा पत्र और नकद पुरस्कार वितरित किए। जिन्होंने हाल ही में एक एग इनक्यूबेटर का आविष्कार किया था। मंत्री को बताया गया कि सहकारिता विभाग जिले में खाद्य प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित करने की योजना बना रहा है ताकि किसानों को कृषि उपज का बेहतर मूल्य मिल सके।