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भेड़-बकरियों का गोबर जला बिताईं रातें, एक रोटी से करते थे गुजारा
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किश्तवाड़/श्रीनगर। अनंतनाग से मर्गन टॉप में बर्फबारी के बीच लापता छह लोग सुरक्षित घर पहुंच गए हैं। शुक्रवार को इन सभी लोगों को सुरक्षा बलों के बचाव दल ने सकुशल किश्तवाड़ जिले में इनके गांव चुईद्रमन पहुंचा दिया। आपबीती सुनाते हुए इन लोगों ने बताया कि हमने मर्गन टॉप पर भेड़-बकरियों का गोबर जलाकर शरीर को गर्म रखकर रातें काटीं। एक-एक रोटी खाकर तीन दिन बिताए। कुकरनाग प्रशासन ने जो मर्गन टॉप पर हट बनाए हैं, वहां पर दो रातें बिताईं, फिर वहां से नरीबल इलाके में पहुंचे और सड़क के किनारे बने एक होटल, जिसमें सर्दियों में कोई नहीं रहता है, वहां पर एक रात बिताई। फिर वहां चलते हुए शुक्रवार को इनशन मढ़वा पहुंचे। नारबल इलाके तक लगभग मढ़वा से बचाव अभियान के लिए भेजी गई टीम भी पहुंच गई, जिन्होंने सकुशल उन्हें अपने परिवार के साथ मिलाया। लापता हुए लोगों में एजाज अहमद (30) अकबर कोका (25) गुलाम नबी कोका (20) गुलजार अहमद (18) मंजूर अहमद (20) इरशाद अहमद डार (18) सभी निवासी चुईद्रमन के हैं।
बता दें कि बीते मंगलवार को ये सभी अनंतनाग से वारवां अपने गांव के लिए निकले थे। अचानक मौसम खराब होने और बर्फबारी के कारण कई किलोमीटर पैदल चलकर मर्गन टॉप पहुंचे, जहां से अपने परिवार के साथ संपर्क किया था। उसके बाद इनका संपर्क टूट गया। दूसरे दिन जब घर नहीं पहुंचे तो परिवार वालों ने जिला प्रशासन किश्तवाड़ और कुकरनाग से संपर्क कर उनके लापता होने की सूचना दी प्रशासन ने विशेष टीमें बनाकर तलाशी अभियान शुरू किया। कुकरनाग से सुरक्षा बलों सहित स्थानीय कार्यकर्ता वहां से मर्गन टॉप रवाना हुए। शुक्रवार सुबह मोबाइल पर लापता लोगों से संपर्क किया गया, जिनके पास वाडवां से पुलिस टीम पहुंची। एसएसपी किश्तवाड़ शफकत हुसैन भट ने उनके सुरक्षित पहुंचने की जानकारी ली और सभी को वारवां पहुंचाया। डीसी अशोक कुमार शर्मा ने सभी को सुरक्षित पहुंचने पर बधाई दी। पुलिस ने किश्तवाड़ के लोगों विशेषकर वाडवां और मढ़वा से अपील की कि खराब मौसम में ऐसी सड़कों के सफर से बचें।
एसएसपी शफकत हुसैन भट ने बताया कि पुलिस चौकी वारवां की पार्टी ने इन सभी को सुरक्षित लाने के लिए रेस्क्यू टीम भेजी थी।
वहीं, डीसी अनंतनाग पियूष सिंघला ने बताया कि 23 फरवरी को एक फेसबुक पोस्ट के जरिये उन्हें इसकी जानकारी मिली। 24 फरवरी की सुबह एसडीएम और एसडीपीओ कुकरनाग ने टीम के साथ एक रेकी करने की कोशिश की गई, लेकिन 10 फुट तक बर्फ होने के चलते ज्यादा दूर तक नहीं पहुंच सके। शुक्रवार सुबह साढ़े चार बजे माउंटेन रेस्क्यू टीम, एसडीआरएफ, जिला पुलिस, रेवेन्यू टीम और सेना की संयुक्त 28 सदस्यीय टीम को रवाना कर दिया गया। दोपहर करीब एक बजे किश्तवाड़ से उन्हें जानकारी मिली कि उन सभी को ट्रेस कर लिया गया है।
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बता दें कि बीते मंगलवार को ये सभी अनंतनाग से वारवां अपने गांव के लिए निकले थे। अचानक मौसम खराब होने और बर्फबारी के कारण कई किलोमीटर पैदल चलकर मर्गन टॉप पहुंचे, जहां से अपने परिवार के साथ संपर्क किया था। उसके बाद इनका संपर्क टूट गया। दूसरे दिन जब घर नहीं पहुंचे तो परिवार वालों ने जिला प्रशासन किश्तवाड़ और कुकरनाग से संपर्क कर उनके लापता होने की सूचना दी प्रशासन ने विशेष टीमें बनाकर तलाशी अभियान शुरू किया। कुकरनाग से सुरक्षा बलों सहित स्थानीय कार्यकर्ता वहां से मर्गन टॉप रवाना हुए। शुक्रवार सुबह मोबाइल पर लापता लोगों से संपर्क किया गया, जिनके पास वाडवां से पुलिस टीम पहुंची। एसएसपी किश्तवाड़ शफकत हुसैन भट ने उनके सुरक्षित पहुंचने की जानकारी ली और सभी को वारवां पहुंचाया। डीसी अशोक कुमार शर्मा ने सभी को सुरक्षित पहुंचने पर बधाई दी। पुलिस ने किश्तवाड़ के लोगों विशेषकर वाडवां और मढ़वा से अपील की कि खराब मौसम में ऐसी सड़कों के सफर से बचें।
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एसएसपी शफकत हुसैन भट ने बताया कि पुलिस चौकी वारवां की पार्टी ने इन सभी को सुरक्षित लाने के लिए रेस्क्यू टीम भेजी थी।
वहीं, डीसी अनंतनाग पियूष सिंघला ने बताया कि 23 फरवरी को एक फेसबुक पोस्ट के जरिये उन्हें इसकी जानकारी मिली। 24 फरवरी की सुबह एसडीएम और एसडीपीओ कुकरनाग ने टीम के साथ एक रेकी करने की कोशिश की गई, लेकिन 10 फुट तक बर्फ होने के चलते ज्यादा दूर तक नहीं पहुंच सके। शुक्रवार सुबह साढ़े चार बजे माउंटेन रेस्क्यू टीम, एसडीआरएफ, जिला पुलिस, रेवेन्यू टीम और सेना की संयुक्त 28 सदस्यीय टीम को रवाना कर दिया गया। दोपहर करीब एक बजे किश्तवाड़ से उन्हें जानकारी मिली कि उन सभी को ट्रेस कर लिया गया है।
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