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अगले साल से खराब मौसम में भी श्रीनगर से हो सकेंगी उड़ानें
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श्रीनगर। श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अगले साल से मौसम की खराबी पर भी उड़ानें करवाई जा सकेंगी। एयरपोर्ट पर दूसरी श्रेणी का इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (कैट-2 आईएलएस) लगाने की कवायद शुरू हो गई है। अप्रैल में इसे लगाने का काम शुरू होगा, जिसे नवंबर माह में पूरा कर लिया जाएगा। कैट-2 आईएलएस लगने से हवाई जहाज की लैंडिंग के लिए निर्धारित 900 मीटर दृश्यता का पैमाना घटकर 500 मीटर रह जाएगा। ऐसी परिस्थितियों में खराब मौसम में भी ज्यादातर उड़ानें हो सकेंगी। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने ट्विटर हैंडल पर इस आशय की जानकारी दी है।
मंगलवार से खराब चल रहे मौसम में श्रीनगर हवाई अड्डे से जुड़ीं 50 से ज्यादा उड़ानें रद्द की गई हैं। इससे बड़ी संख्या में सैलानी घाटी में ही फंस गए हैं। सैलानियों व यात्रियों को एयर कनेक्टिविटी सुविधा अब मौसम में सुधार पर निर्भर है।
एयरपोर्ट में जरूरी सुविधाओं के अभाव का मामला हाईकोर्ट भी पहुंचा था, जहां से निर्देश मिलने पर सुधार कार्य में तेजी आई है। वर्ष 2016 में दायर की गई जनहित याचिका का संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय, एयरपोर्ट अथॉरिटी और एयरफोर्स स्टेशन को निर्देश दिए थे।
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मंगलवार से खराब चल रहे मौसम में श्रीनगर हवाई अड्डे से जुड़ीं 50 से ज्यादा उड़ानें रद्द की गई हैं। इससे बड़ी संख्या में सैलानी घाटी में ही फंस गए हैं। सैलानियों व यात्रियों को एयर कनेक्टिविटी सुविधा अब मौसम में सुधार पर निर्भर है।
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एयरपोर्ट में जरूरी सुविधाओं के अभाव का मामला हाईकोर्ट भी पहुंचा था, जहां से निर्देश मिलने पर सुधार कार्य में तेजी आई है। वर्ष 2016 में दायर की गई जनहित याचिका का संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय, एयरपोर्ट अथॉरिटी और एयरफोर्स स्टेशन को निर्देश दिए थे।
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