Jammu Kashmir Drone Attack: गोलाबारी में उजड़े घर, गुरुद्वारों ने खोले अपने द्वार; सेवा में डटा सिख समाज
पाकिस्तानी गोलाबारी के कारण उड़ी सेक्टर के सैकड़ों परिवारों ने अपने घर छोड़ सुरक्षित स्थानों पर गए, जहां बारामुला और हंदवाड़ा के गुरुद्वारों ने उन्हें आश्रय, भोजन और दवाइयों की व्यवस्था दी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के उड़ी सेक्टर में पाकिस्तानी सेना की भारी गोलाबारी के चलते पैदा हुए तनावपूर्ण हालातों ने वहां के स्थानीय लोगों को अपने आशियाने छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने पर मजबूर कर दिया। इसके चलते करीब 90 प्रतिशत परिवार उड़ी सेक्टर के गिंगल, चुरुंडा, सलामबाद, दछना, सिलिकूट, लगामा, लच्छीपोरा, गरकोट, थजल, मुथल, तोरना, रुस्तम, कमलकोट, उरूसा और बालाकोट गावों से अपने घर छोड़ सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए।
जहां एक ओर जिला प्रशासन द्वारा उन्हें हर सुविधा मुहैया कराइ जा रही है लेकिन इस संकट की घड़ी में सिख समुदाय भी मदद का हाथ बढ़ाने के लिए आगे बढ़ा है। बारामुला जिले की गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने लगभग सभी गुरूद्वारे खोल दिए हैं जहां इन लोगों को रहने की सुविधा के साथ साथ लंगर और गुरु हर कृष्ण जीवन जोट सोसाइटी (जेएएचजेजेएस) द्वारा इन लोगों के लिए चिकित्सक सुविधा और दवाइयों का भी प्रबंध किया है। अभी तक करीब 160 से अधिक परिवारों को शरण दी गई है।
हम सभी भाई हैं, और संकट में एक-दूसरे के साथ मजबूती से खड़े हैं
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी बारामुला के अध्यक्ष परमजीत सिंह ने कहा कि हमारी कमेटी ने बारामुला जिले में सभी गुरुद्वारों में उडी से अपने घरों को छोड़कर आने वाले परिवारों के लिए विशेष प्रबंध किया गया है। हम अपने उन साथी लोगों के साथ खड़े हैं जो इस कठिन दौर से गुजर रहे हैं। हमने उनकी सुरक्षा और भलाई को प्राथमिकता देते हुए उनके लिए अपना गुरुद्वारा खोल दिया है।
हम सभी भाई हैं और इस स्तर पर हम अपने लोगों को निराश नहीं करेंगे, चाहे वे किसी भी समूह के हों। हम सभी मजबूती से खड़े हैं। अभी तक गुरुद्वारा छटी पादशाही बारामुला में 150 के करीब लोगों को शरण दी गई है और गुरुद्वारा छटी पादशाही कलमपुरा सिंघपुरा में करीब 8 लोगों को शरण दी गई है।
गौरतलब है कि सिख समुदाय की इस पहल का स्थानीय मुस्लिम समुदाय के लोगों ने काफी स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह समुदाय हमेशा समाज की मदद करने के लिए आगे बढ़ता है चाहे जो भी परिस्थिति हो। हम इनका तहे दिल से शुक्रिया करना चाहते हैं।
पुलिस अधिकारियों ने भी निजी स्तर पर मदद के लिए बढ़ाए हाथ
पाकिस्तानी गोलाबारी के चलते पलायन करने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान और खाना पीना मुहैया कराने के लिए इस संकट की घडी में कई हाथ आगे बढ़ रहे हैं। इनमें से एक जम्मू कश्मीर पुलिस के अधिकारी एसपी शबीर खान भी हैं जो खुद उडी से ताल्लुक रखते हैं।
उनके द्वारा भी अपने सोशल मीडिया पर अपना नंबर साझा किया गया है और अपील की है कि जिस किसी को रहने के लिए जगह की जरुरत है वो उनसे संपर्क करे और वह उनकी मदद करेंगे। अमर उजाला से बात करते हुए शबीर खान ने कहा कि मैं खुद उडी सेक्टर के परंपीला गांव का रहने वाला हूं और बचपन से ऐसे हालात कई बार देखे हैं जब लोगों को गोलाबारी के चलते घर छोड़कर जाना पड़ता था।
इसलिए उनका यह दर्द समझते हुए मैंने अपनी ओर से उनकी मदद करने की कोशिश अपने निजी स्तर पर की है। अभी तक करीब 50 के करीब लोगों के लिए मैंने रहने का प्रबंध कराया है। और कोशिश है कि किसी को निराश न करूं।