जम्मू-कश्मीर: वंदे मातरम् के पूरे संस्करण पर कांग्रेस-एनसी आमने-सामने, तारिक कर्रा ने उठाए सवाल
श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में वंदे मातरम् के पूरे संस्करण के गायन पर कांग्रेस नेता तारिक हामिद कर्रा ने सवाल उठाए।
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जम्मू-कश्मीर में सत्तारूढ़ गठबंधन के सहयोगी कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस के बीच राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के पूरे संस्करण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (जेकेपीसीसी) के अध्यक्ष तारिक हामिद कर्रा ने श्रीनगर में अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के उद्घाटन समारोह में राष्ट्रगीत का पूरा संस्करण गाए जाने पर सवाल उठाया।
कर्रा बोले- राष्ट्रीय प्रतीकों में विविधता का सम्मान जरूरी
कांग्रेस नेता ने सोशल मीडिया पर कहा कि राष्ट्रीय प्रतीक, गीत और परंपराएं हर भारतीय के दिल में विशेष स्थान रखती हैं। उन्होंने कहा कि इनकी असली ताकत देश की विविधता को एकजुट करने में है।
कर्रा ने कहा कि गठबंधन सहयोगी द्वारा वंदे मातरम् का पूरा संस्करण गाना चिंता का विषय है, क्योंकि आजादी के आंदोलन के बाद देश की संवैधानिक यात्रा के दौरान राष्ट्रगीत की भूमिका को लेकर एक संतुलित दृष्टिकोण विकसित हुआ है।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद अपनाया गया स्वरूप ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्व को बनाए रखते हुए देश के बहुलतावादी स्वरूप और अंतरात्मा की स्वतंत्रता के संवैधानिक अधिकार के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है।
मुद्दा देशभक्ति का नहीं, संवैधानिक सोच का है
कर्रा ने स्पष्ट किया कि उनका सवाल देशभक्ति से जुड़ा नहीं है। उन्होंने कहा कि विविधतापूर्ण गणराज्य में देशभक्ति को किस संवैधानिक भावना के साथ व्यक्त किया जाना चाहिए असली मुद्दा यह है। राष्ट्रीय प्रतीक तभी ज्यादा सम्मान हासिल करते हैं, जब वे भारत की विविधता को अपने भीतर समाहित करें और हर नागरिक को उनमें बराबरी का एहसास हो।
कर्रा के बयान पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के मुख्य प्रवक्ता तनवीर सादिक ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कांग्रेस शासित कर्नाटक में हुए एक कार्यक्रम का वीडियो साझा किया जिसमें मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की मौजूदगी में वंदे मातरम् का पूरा संस्करण प्रस्तुत किया गया था। सादिक ने कर्रा को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें अपने कांग्रेस मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को भी देखना चाहिए और इस पर अपनी राय साझा करनी चाहिए।
केंद्र ने जनवरी में जारी किए थे नए दिशानिर्देश
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जनवरी 2026 में राष्ट्रगीत के गायन को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए थे। इनमें आधिकारिक कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के सभी छह अंतरों को बजाने या गाने का प्रोटोकॉल तय किया गया था।
कांग्रेस ने इस निर्देश का विरोध करते हुए कहा था कि पार्टी के कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत के केवल पहले दो अंतरे ही गाए जाएंगे। इसी मुद्दे को लेकर अब जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।