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जम्मू कश्मीर: श्रीनगर में कश्मीरी सिखों की शहादतों पर आधारित किताब का विमोचन
Fri, 27 Oct 2023 04:18 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमृतपाल सिंह बाली, श्रीनगर।
अमृतपाल सिंह बाली, श्रीनगर।
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Fri, 27 Oct 2023 04:18 PM IST
सार
किताब के लेखक संतपाल सिंह ने कहा, इस किताब में उन सभी सिखों की शहादतों को दर्ज किया गया हैए जिन्होंने आजादी से लेकर अब तक देश के लिए कुर्बानियां दी हैं।
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श्रीनगर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कश्मीरी सिखों द्वारा अब तक दी गई शहादतों पर आधारित किताब मेमोरेंडम का गुरुवार को रेडियो कश्मीर के ऑडिटोरियम में भाजपा के राष्ट्रीय सचिव मनजिंदर सिंह सिरसा द्वारा विमोचन किया गया। इस अवसर पर किताब के लेखक संतपाल सिंह, यूनाइटेड कश्मीरी सिख प्रोग्रेसिव फोरम (यूकेएसपीएफ) के अध्यक्ष बलदेव सिंह के अलावा अन्य सिख शख्सियतों के अलावा कश्मीर के विभिन्न ज़िलों से आई सिख संगत मौजूद रही।
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किताब के लेखक संतपाल सिंह ने कहा, इस किताब में उन सभी सिखों की शहादतों को दर्ज किया गया हैए जिन्होंने आजादी से लेकर अब तक देश के लिए कुर्बानियां दी हैं, चाहे वो लाइन ऑफ़ ड्यूटी के दौरान हो या फिर आतंकवाद के दौर के दौरान। उन सभी को इसमें दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि यह जानकारी उनके द्वारा आरटीआई दाखिल कर हासिल की गई है।
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सिखों ने जब कभी भी जरुरत पड़ी देश के लिए शहादत दी है, लेकिन उन्हें इंसाफ नहीं मिला है। इन शहादतों को पहली बार किसी ने किताब के रूप में पेश किया है। हम दो किताबें सिरसा जी के ज़रिये प्रधानमंत्री और गृहमंत्री तक पहुंचाएंगे और एलजी को खुद इसकी कॉपी देने जाएंगे।
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किताब के विमोचन के दौरान मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि इस किताब में उन सिखों की शहादतें दर्ज हैं, जो आतंकवाद की भेंट चढ़े। जब श्रीनगर से बहुत बड़ा पलायन हुआ, तब भी सिख यहीं पर डटे रहे। इस कारण उन्हें बहुत बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ा। परिवार के कई लोग मारे गए। इस किताब में उन सबकी जानकारी है। इसे लिखने के पीछे मकसद यह है कि अपनी आने वाली नस्लों को बताया जाए कि किस तरह से इस जम्मू कश्मीर खासकर इस वादी के लिए हमने शहादतें दी हैं। इसी तरह जब कबाइली हमला हुआ, तब भी 30 हज़ार सिख उनसे लड़ते हुए शहादत प्राप्त कर गए।