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पर्यावरण के संरक्षण के साथ पर्यटन का विकास : कुंद्रा
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संवाद न्यूज एजेंसी
लेह। मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा ने चेन्नई में आयोजित टूरिज्म समिट-2026 में केंद्र शासित प्रदेश के लिए नई पर्यटन दृष्टि प्रस्तुत करते हुए जिम्मेदार और टिकाऊ पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लद्दाख की सांस्कृतिक विविधता, साहसिक पर्यटन की संभावनाओं और नाजुक पारिस्थितिकी को ध्यान में रखते हुए पर्यटन का विकास किया जाना चाहिए।
संस्कृति, प्रकृति, साहसिक पर्यटन, दुनिया की छत तक की यात्र विषय पर आयोजित सत्र को संबोधित करते हुए कुंद्रा ने कहा कि लद्दाख को बड़े पैमाने पर होने वाले पर्यटन की दिशा में आगे बढ़ने के बजाय अपनी विशिष्ट पहचान पर आधारित पर्यटन मॉडल विकसित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लद्दाख का पर्यटन आकर्षण केवल बौद्ध मठों और ऊंचाई वाले पर्वतीय परिदृश्यों तक सीमित नहीं है। कुंद्रा ने लद्दाख की सिल्क रूट विरासत, प्राचीन शैल चित्रों और शिलालेखों, सा लद्दाख बिएनाले-2026 जैसी समकालीन कला पहलों को भी पर्यटन की महत्वपूर्ण संभावनाओं के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने पर्यटन के विस्तार के लिए बेहतर कनेक्टिविटी को भी महत्वपूर्ण बताया। वहीं, कुंद्रा ने पर्यावरण संरक्षण, कचरा प्रबंधन और प्लास्टिक नियंत्रण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि पर्यटन का विकास लद्दाख की विशिष्ट पहचान और प्राकृतिक पर्यावरण के संरक्षण के साथ-साथ होना चाहिए।
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लेह। मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा ने चेन्नई में आयोजित टूरिज्म समिट-2026 में केंद्र शासित प्रदेश के लिए नई पर्यटन दृष्टि प्रस्तुत करते हुए जिम्मेदार और टिकाऊ पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लद्दाख की सांस्कृतिक विविधता, साहसिक पर्यटन की संभावनाओं और नाजुक पारिस्थितिकी को ध्यान में रखते हुए पर्यटन का विकास किया जाना चाहिए।
संस्कृति, प्रकृति, साहसिक पर्यटन, दुनिया की छत तक की यात्र विषय पर आयोजित सत्र को संबोधित करते हुए कुंद्रा ने कहा कि लद्दाख को बड़े पैमाने पर होने वाले पर्यटन की दिशा में आगे बढ़ने के बजाय अपनी विशिष्ट पहचान पर आधारित पर्यटन मॉडल विकसित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लद्दाख का पर्यटन आकर्षण केवल बौद्ध मठों और ऊंचाई वाले पर्वतीय परिदृश्यों तक सीमित नहीं है। कुंद्रा ने लद्दाख की सिल्क रूट विरासत, प्राचीन शैल चित्रों और शिलालेखों, सा लद्दाख बिएनाले-2026 जैसी समकालीन कला पहलों को भी पर्यटन की महत्वपूर्ण संभावनाओं के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने पर्यटन के विस्तार के लिए बेहतर कनेक्टिविटी को भी महत्वपूर्ण बताया। वहीं, कुंद्रा ने पर्यावरण संरक्षण, कचरा प्रबंधन और प्लास्टिक नियंत्रण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि पर्यटन का विकास लद्दाख की विशिष्ट पहचान और प्राकृतिक पर्यावरण के संरक्षण के साथ-साथ होना चाहिए।
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