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Srinagar News: सम्मेलन में साइबर सुरक्षा के सिखाए गुर
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भारतीय रिजर्व बैंक ने श्रीनगर में वित्तीय क्षेत्र की पहलों और साइबर सुरक्षा जागरूकता पर एक दिवसीय सम्मेलन का किया आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। भारतीय रिजर्व बैंक जम्मू ने होटल ताज डाल व्यू में वित्तीय क्षेत्र की पहलों और साइबर सुरक्षा जागरूकता पर एक दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया। मुख्य सचिव ने कहा कि सरकार ने पर्यटन, कृषि और संबद्ध गतिविधियों, जलविद्युत और एमएसएमई जैसे अपने प्रमुख क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता दी है। इन क्षेत्रों की अंतर्निहित शक्तियों का लाभ उठाने और इन क्षेत्रों में ऋण को प्रवाहित करने की आवश्यकता है।
आरबीआई की पहल यूनिफाइड लेंडिंग इंटरफेस ऋण वितरण में तेजी लाएगी। ऋण वितरण के लिए वह हासिल करेगी जो यूपीआई ने खुदरा भुगतान के लिए हासिल किया है। इसके अलावा, ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंटिंग सिस्टम एमएसएमई के तरलता मुद्दों को हल करने और उनके आगे के विकास को सक्षम करने की दिशा में काम करेगा। सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी और इसकी प्रोग्रामेबिलिटी सुविधा कल्याणकारी योजनाओं के लिए लक्षित राज्य सब्सिडी की संभावनाएं प्रदान करेगी। भारत सरकार और प्रशासन की ओर से साइबर धोखाधड़ी को कम करने पर निरंतर ध्यान केंद्रित करने पर जोर देते हुए उन्होंने सभी हितधारकों को सामूहिक रूप से कार्य करने की सलाह दी। इसके अलावा, उन्होंने सभी हितधारकों को केंद्र शासित प्रदेश की प्रगति के लिए सम्मेलन के आधार पर कार्रवाई योग्य रोडमैप तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया। डिप्टी गवर्नर भारतीय रिजर्व बैंक ने अपने विशेष संबोधन में फंक्शन्स आदि के अलावा, आरबीआई का विकासात्मक एजेंडा भुगतान और निपटान प्रणाली, वित्तीय समावेशन, बाजारों के विकास आदि पर केंद्रित है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यूनिफाइड लेंडिंग इंटरफेस जो आरबीआई की एक पहल है। अर्थव्यवस्था के विविध क्षेत्रों को निर्बाध और सुगम ऋण प्राप्त करने में मदद करेगा, जिससे समग्र कल्याण में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि हालांकि तकनीक दक्षता लाती है लेकिन साइबर धोखाधड़ी के जोखिम भी लाती है। इस मौके पर सम्मेलन में अटल डुल्लू मुख्य सचिव, चंद्राकर भारती प्रधान सचिव आदि मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। भारतीय रिजर्व बैंक जम्मू ने होटल ताज डाल व्यू में वित्तीय क्षेत्र की पहलों और साइबर सुरक्षा जागरूकता पर एक दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया। मुख्य सचिव ने कहा कि सरकार ने पर्यटन, कृषि और संबद्ध गतिविधियों, जलविद्युत और एमएसएमई जैसे अपने प्रमुख क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता दी है। इन क्षेत्रों की अंतर्निहित शक्तियों का लाभ उठाने और इन क्षेत्रों में ऋण को प्रवाहित करने की आवश्यकता है।
आरबीआई की पहल यूनिफाइड लेंडिंग इंटरफेस ऋण वितरण में तेजी लाएगी। ऋण वितरण के लिए वह हासिल करेगी जो यूपीआई ने खुदरा भुगतान के लिए हासिल किया है। इसके अलावा, ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंटिंग सिस्टम एमएसएमई के तरलता मुद्दों को हल करने और उनके आगे के विकास को सक्षम करने की दिशा में काम करेगा। सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी और इसकी प्रोग्रामेबिलिटी सुविधा कल्याणकारी योजनाओं के लिए लक्षित राज्य सब्सिडी की संभावनाएं प्रदान करेगी। भारत सरकार और प्रशासन की ओर से साइबर धोखाधड़ी को कम करने पर निरंतर ध्यान केंद्रित करने पर जोर देते हुए उन्होंने सभी हितधारकों को सामूहिक रूप से कार्य करने की सलाह दी। इसके अलावा, उन्होंने सभी हितधारकों को केंद्र शासित प्रदेश की प्रगति के लिए सम्मेलन के आधार पर कार्रवाई योग्य रोडमैप तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया। डिप्टी गवर्नर भारतीय रिजर्व बैंक ने अपने विशेष संबोधन में फंक्शन्स आदि के अलावा, आरबीआई का विकासात्मक एजेंडा भुगतान और निपटान प्रणाली, वित्तीय समावेशन, बाजारों के विकास आदि पर केंद्रित है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यूनिफाइड लेंडिंग इंटरफेस जो आरबीआई की एक पहल है। अर्थव्यवस्था के विविध क्षेत्रों को निर्बाध और सुगम ऋण प्राप्त करने में मदद करेगा, जिससे समग्र कल्याण में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि हालांकि तकनीक दक्षता लाती है लेकिन साइबर धोखाधड़ी के जोखिम भी लाती है। इस मौके पर सम्मेलन में अटल डुल्लू मुख्य सचिव, चंद्राकर भारती प्रधान सचिव आदि मौजूद रहे।
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