फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Srinagar News ›   jammu and kashmir news

फिल्मों में हिंसा नहीं, अब कश्मीर की शांति का जश्न मनाएं : एआर रहमान

विज्ञापन
jammu and kashmir news
-ऑस्कर विजेता संगीतकार ने कहा- कश्मीर बेहद सुंदर, शांत और प्रेरणादायक जगह, जल्द घाटी में लाइव परफॉर्म करने की इच्छा
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो,
श्रीनगर। कश्मीर की वादियों में अब बंदूक और बारूद की कहानी नहीं, बल्कि सुर, सिनेमा और सुकून की नई तस्वीर उभरनी चाहिए। ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर रहमान ने शनिवार को कश्मीर को बेहद सुंदर, शांत और प्रेरणादायक जगह बताते हुए फिल्मकारों से घाटी को देखने का नजरिया बदलने की अपील की। उन्होंने कहा कि फिल्मों में कश्मीर के पुराने संघर्ष और हिंसा को दोहराने के बजाय अब यहां की प्राकृतिक सुंदरता, शांति और सद्भाव का जश्न मनाया जाना चाहिए। उनकी यह बात उस बदलते कश्मीर की तस्वीर से जुड़ती है, जिसे मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी फिल्म जगत के सामने रखने की पहल कर चुके हैं।
विज्ञापन की शूटिंग के सिलसिले में शनिवार को श्रीनगर पहुंचे रहमान ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि सिनेमा केवल कहानी कहने का माध्यम नहीं, बल्कि किसी जगह के प्रति लोगों की सोच बदलने की ताकत भी रखता है। कश्मीर की समृद्ध संस्कृति, लोक परंपराओं और खूबसूरत वादियों को दुनिया तक पहुंचाने में बॉलीवुड की बड़ी भूमिका हो सकती है। अब अतीत के संघर्षों के बजाय सद्भाव और रचनात्मकता पर ध्यान देने का समय है। कश्मीर कलाकारों को एक दुर्लभ रचनात्मक स्पष्टता और प्रेरणा देता है।
विज्ञापन

रहमान ने घाटी में आयोजित हो रहे इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल की भी सराहना की और इसे एक बेहतरीन शुरुआत बताया। उम्मीद जताई कि आने वाले समय में यह महोत्सव दुनिया के बड़े फिल्म फेस्टिवलों में अपनी पहचान बनाएगा और देश-दुनिया से लोग कश्मीर की मेहमाननवाजी, संस्कृति और सिनेमा का अनुभव लेने यहां आएंगे। उन्होंने कहा कि जिस तरह लोग एम्स्टर्डम, लंदन या सनडांस फिल्म फेस्टिवल के लिए जाते हैं, उसी तरह वह चाहते हैं कि कश्मीर भी भारत के सबसे बेहतरीन फिल्म फेस्टिवलों में शामिल हो।
विज्ञापन
विज्ञापन

कश्मीर से रहमान का रिश्ता केवल फिल्मों तक सीमित नहीं रहा है। फिल्म ''''रॉकस्टार'''' के दौरान घाटी के लोक संगीत से उनका जुड़ाव पहले भी सामने आ चुका है। उन्होंने उस दौर को याद करते हुए बताया कि कश्मीरी महिलाओं के गाए लोक गीतों को फिल्म की रिकॉर्डिंग में शामिल किया गया था। उन्होंने भविष्य में भी कश्मीर के स्थानीय लोक संगीतकारों के साथ काम करने की इच्छा जताई। उनका मानना है कि स्थानीय संगीत और आधुनिक सिनेमा का यह मेल कश्मीर की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान को और व्यापक मंच दे सकता है। रहमान ने घाटी में जल्द लाइव परफॉर्म करने की भी इच्छा जताई।

---------------------------
कश्मीर को केवल संघर्ष की पुरानी छवियों के जरिए नहीं, बल्कि उसकी प्राकृतिक सुंदरता, संस्कृति और बदलती सामाजिक तस्वीर के साथ देखना होगा। इसका बेहतर माध्यम फिल्मों से बेहतर कुछ नहीं हो सकता। कश्मीर की कहानी अब केवल संघर्ष की नहीं, शांति, संगीत, सिनेमा और कश्मीरियत की भी है।
उमर अब्दुल्ला, मुख्यमंत्री, जम्मू-कश्मीर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article