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Srinagar News: 11 सिविल जजों को सीनियर डिवीजन में पदोन्नत किए गए
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संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने शनिवार को 11 सिविल जजों (जूनियर डिवीजन) को तदर्थ आधार पर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के रूप में पदोन्नत किया।
हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल की ओर से जारी एक आदेश के अनुसार, विचार क्षेत्र में आने वाले न्यायिक अधिकारियों की तुलनात्मक वरिष्ठता, सतर्कता रिपोर्ट और प्रदर्शन पर विचार करने के बाद पदोन्नति की गई। पदोन्नत अधिकारियों में रोहित शर्मा, राशि वर्मा, शिल्पा डोगरा, पूनम गुप्ता, नीना ठाकुर, शाइस्ता नजीर, शाहबर अयाज, बाजिला बशीर, दानिश्ता शफी, हिमानी परिहार और शफीक मुश्ताक लोन शामिल हैं। पदोन्नति जम्मू-कश्मीर और लद्दाख न्यायिक सेवा नियम, 2025 के नियम 7 के अनुसार की गई है, जिसे एसओ 173, 20 जून, 2025 के तहत अधिसूचित किया गया है।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि तदर्थ पदोन्नति से नियमित पदोन्नति का कोई अधिकार या नियमित आधार पर वरिष्ठता का दावा नहीं मिलेगा। इसमें आगे कहा गया है कि यदि उनकी नियमित पदोन्नति के लिए पर्याप्त पद उपलब्ध नहीं हैं तो अधिकारियों को सिविल जज के कैडर में वापस भेजा जा सकता है। पदोन्नत अधिकारी औपचारिक समायोजन का आदेश मिलने तक अपने-अपने पदों पर बने रहेंगे।
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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने शनिवार को 11 सिविल जजों (जूनियर डिवीजन) को तदर्थ आधार पर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के रूप में पदोन्नत किया।
हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल की ओर से जारी एक आदेश के अनुसार, विचार क्षेत्र में आने वाले न्यायिक अधिकारियों की तुलनात्मक वरिष्ठता, सतर्कता रिपोर्ट और प्रदर्शन पर विचार करने के बाद पदोन्नति की गई। पदोन्नत अधिकारियों में रोहित शर्मा, राशि वर्मा, शिल्पा डोगरा, पूनम गुप्ता, नीना ठाकुर, शाइस्ता नजीर, शाहबर अयाज, बाजिला बशीर, दानिश्ता शफी, हिमानी परिहार और शफीक मुश्ताक लोन शामिल हैं। पदोन्नति जम्मू-कश्मीर और लद्दाख न्यायिक सेवा नियम, 2025 के नियम 7 के अनुसार की गई है, जिसे एसओ 173, 20 जून, 2025 के तहत अधिसूचित किया गया है।
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आदेश में स्पष्ट किया गया है कि तदर्थ पदोन्नति से नियमित पदोन्नति का कोई अधिकार या नियमित आधार पर वरिष्ठता का दावा नहीं मिलेगा। इसमें आगे कहा गया है कि यदि उनकी नियमित पदोन्नति के लिए पर्याप्त पद उपलब्ध नहीं हैं तो अधिकारियों को सिविल जज के कैडर में वापस भेजा जा सकता है। पदोन्नत अधिकारी औपचारिक समायोजन का आदेश मिलने तक अपने-अपने पदों पर बने रहेंगे।
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