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Srinagar News: अच्छन में 361 करोड़ की कचरा प्रबंधन परियोजना की निविदा प्रक्रिया जारी

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सदन में सरकार ने दी जानकारी, परियोजना के तहत 800 टन प्रतिदिन कचरा प्रसंस्करण किया जाएगा
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संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। सरकार ने सोमवार को विधानसभा को अवगत कराया कि श्रीनगर के अच्छन में प्रस्तावित 361 करोड़ की एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना फिलहाल निविदा चरण में है। 800 टन प्रतिदिन कचरा प्रसंस्करण क्षमता वाली इस विशाल परियोजना को पूरा करने के लिए 24 महीने की समय सीमा तय की गई है। विधायक मुबारक गुल के सवाल के लिखित जवाब में आवास एवं शहरी विकास विभाग ने बताया कि इस परियोजना के तहत पर्यावरण अनुकूल बुनियादी ढांचे तैयार किए जाएंगे।

सरकार ने स्पष्ट किया कि निविदा प्रक्रिया जारी होने के कारण अभी तक किसी भी एजेंसी या ठेकेदार को यह काम आवंटित नहीं किया गया है। शहर में अपशिष्ट प्रबंधन की वर्तमान स्थिति पर प्रकाश डालते हुए सरकार ने बताया कि श्रीनगर नगर निगम रोजाना उत्पन्न होने वाले 500 से 550 टन कचरे का प्रबंधन संग्रह, परिवहन और वैज्ञानिक निपटान के माध्यम से कर रहा है। शहर में शत-प्रतिशत घर-घर जाकर कचरा एकत्र करने का लक्ष्य हासिल कर लिया गया है, जबकि स्रोत पर ही कचरा अलग करने की दर बढ़कर करीब 60 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। इस पूरे तंत्र को सुचारू रखने के लिए 2,700 से अधिक सफाई कर्मचारियों और कॉम्पैक्टर व डंपर प्लेसर सहित 380 से ज्यादा वाहनों को सेवा में लगाया गया है।
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अच्छन में पहले से मौजूद पुराने कचरे के समाधान को लेकर सरकार ने बताया कि लगभग 11 लाख मीट्रिक टन लीगेसी वेस्ट के बायो-माइनिंग और बायो-रेमेडिएशन का जिम्मा एक विशेषज्ञ एजेंसी को सौंपा गया है, जहां विंड्रो निर्माण और संबद्ध नागरिक कार्य प्रगति पर हैं। इसके अतिरिक्त, तरल कचरे के सुरक्षित निपटान के लिए 60 केएलडी क्षमता वाले लीचेट ट्रीटमेंट प्लांट पर तेजी से काम चल रहा है। स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के तहत अच्छन में 125 टन प्रतिदिन क्षमता वाले निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र की स्थापना भी की जा रही है, जिसका सिविल कार्य पूरा हो चुका है। मशीनरी स्थापना का काम चल रहा है। इस संयंत्र के चालू होने से निर्माण मलबे का वैज्ञानिक पुनर्चक्रण संभव होगा। प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ अवैध डंपिंग पर प्रभावी रोक लग सकेगी।
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