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Srinagar News: किशनगंगा नदी के किनारों की सुरक्षा के लिए 9.48 करोड़ की परियोजना तैयार
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-विधायक नजीर अहमद खान के सवाल के जवाब में दी गई जानकारी
विधानसभा का बजट सत्र का लोगो लगाएं
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। जलशक्ति विभाग की ओर से शनिवार को विधानसभा में बताया गया कि बांदीपोरा जिले में नियंत्रण रेखा से सटी गुरेज घाटी में किशनगंगा नदी के किनारों की सुरक्षा के लिए 9.48 करोड़ की परियोजना तैयार की गई। नदी के कई हिस्सों में प्राकृतिक कारणों खड़ी ढलानें, बारिश व बर्फ पिघलने के दौरान पानी के बढ़े हुए बहाव से मिट्टी का कटाव हुआ है
विधानसभा में विधायक नजीर अहमद खान की ओर से पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में विभाग ने कहा कि किशनगंगा और उसकी सहायक नदियों के दोनों किनारों पर सुरक्षा कार्य करने के लिए 9.48 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की गई है। प्रस्तावित कार्यों में संवेदनशील जगहों पर क्रेट, स्पर्स, चेक डैम और अन्य संबंधित उपाय शामिल हैं।
विभाग ने आगे कहा कि वन विभाग के मृदा और जल संरक्षण विंग ने पिछले चार वर्षों में नदी के किनारे कई सुरक्षा उपाय पहले ही पूरे कर लिए हैं जिनमें लगभग 497 क्यूबिक मीटर डीआरएसएम (सूखी अनियमित पत्थर चिनाई) कार्य और लगभग 154 क्रेट लगाना शामिल है।
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यह भी बताया कि कैपेक्स बजट 2026-27 के तहत किशनगंगा नदी की सहायक नदी नेरू के सुधार का काम हाथ में लिया गया है जिसमें प्रस्तावित कार्यों में 350 क्यूबिक मीटर डीआरएसएम कार्य और 84 क्रेट शामिल हैं। हालांकि नदी के किनारों पर अतिरिक्त सुरक्षा कार्य करने की समय-सीमा के बारे में विभाग ने कहा कि आगे की कार्रवाई तभी की जाएगी जब इसके लिए धन का स्रोत तय हो जाएगा।
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श्रीनगर। जलशक्ति विभाग की ओर से शनिवार को विधानसभा में बताया गया कि बांदीपोरा जिले में नियंत्रण रेखा से सटी गुरेज घाटी में किशनगंगा नदी के किनारों की सुरक्षा के लिए 9.48 करोड़ की परियोजना तैयार की गई। नदी के कई हिस्सों में प्राकृतिक कारणों खड़ी ढलानें, बारिश व बर्फ पिघलने के दौरान पानी के बढ़े हुए बहाव से मिट्टी का कटाव हुआ है
विधानसभा में विधायक नजीर अहमद खान की ओर से पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में विभाग ने कहा कि किशनगंगा और उसकी सहायक नदियों के दोनों किनारों पर सुरक्षा कार्य करने के लिए 9.48 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की गई है। प्रस्तावित कार्यों में संवेदनशील जगहों पर क्रेट, स्पर्स, चेक डैम और अन्य संबंधित उपाय शामिल हैं।
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विभाग ने आगे कहा कि वन विभाग के मृदा और जल संरक्षण विंग ने पिछले चार वर्षों में नदी के किनारे कई सुरक्षा उपाय पहले ही पूरे कर लिए हैं जिनमें लगभग 497 क्यूबिक मीटर डीआरएसएम (सूखी अनियमित पत्थर चिनाई) कार्य और लगभग 154 क्रेट लगाना शामिल है।
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यह भी बताया कि कैपेक्स बजट 2026-27 के तहत किशनगंगा नदी की सहायक नदी नेरू के सुधार का काम हाथ में लिया गया है जिसमें प्रस्तावित कार्यों में 350 क्यूबिक मीटर डीआरएसएम कार्य और 84 क्रेट शामिल हैं। हालांकि नदी के किनारों पर अतिरिक्त सुरक्षा कार्य करने की समय-सीमा के बारे में विभाग ने कहा कि आगे की कार्रवाई तभी की जाएगी जब इसके लिए धन का स्रोत तय हो जाएगा।