घाटी में आतंक पर प्रहार जारी: लश्कर-ए-तैयबा के चार OGW गिरफ्तार, श्रीनगर में ग्रेनेड और फर्जी आधार बरामद
श्रीनगर में सुरक्षाबलों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लश्कर-ए-तैयबा के चार ओजीडब्ल्यू को गिरफ्तार किया, जिनके पास से ग्रेनेड, फर्जी आधार और आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई।
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जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद और उनके समर्थकों पर सुरक्षाबलों का लगातार कड़ा प्रहार जारी है। इस कड़ी में सुरक्षाबलों ने लश्कर-ए-तैयबा के चार अंडर ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) को गिरफ्तार किया है। इनके पास से ग्रेनेड और देशविरोधी सामग्री बरामद की गई है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप, सीआरपीएफ और क्विक एक्शन टीम ने शुक्रवार को देर शाम श्रीनगर के हवल इलाके में तलाशी अभियान चलाया था। रात करीब पौने नौ बजे तिब्बती स्कूल देविआंगन के पास नाका लगाकर वाहनों की जांच की जा रही थी। इस दौरान संदेह होने पर चार लोगों को गिरफ्तार किया। इनके पास से चार ग्रेनेड, चार मोबाइल फोन, चार फर्जी आधार, लश्कर के धमकी भरे चार पोस्टर सहित अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई। वाहन को भी कब्जे में ले लिया गया है।
अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि पकड़े गए चारों लोग लश्कर-ए-ताइबा के लिए ओजीडब्ल्यू के तौर पर काम कर रहे थे। वे आतंकवादियों को सहायता उपलब्ध करवाते थे। क्या ये लोग हाल ही में पकड़े गए लश्कर के आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा हैं, के सवाल पर अधिकारी ने कहा कि अभी इस पर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा। गिरफ्तार लोगों से हर पहलू को ध्यान में रखकर पूछताछ की जा रही है। पूरी जांच प्रक्रिया के बाद ही कुछ स्पष्ट कहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खात्मे के लिए आगे भी प्रहार जारी रहेगा।
यूएपीए की धारा के तहत एफआईआर दर्ज पुलिस ने शुरू की जांच
अधिकारी ने बताया कि पकड़े गए ओजीडब्ल्यू-सैयद अहमद पारिमू श्रीनगर के मोहल्ला काठीदरवाजा मुम्खान रैनावारी, रमीज अहमद मट्टू तुल्वारी गोजवारा नौहट्टा, फिरदौस अहमद भट नवाकदल ग्रटबल और मोहम्मद यासीन भट फजलुल हक कॉलोनी बटपोरा के रहने वाले हैं। नौहट्टा थाने की पुलिस ने यूएपीए की धारा 13, 18, 23, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 4/5 और बीएनएस की धारा 109, 336 के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कुलगाम में 26 फरवरी को पकड़े थे चार आतंकी मददगारसुरक्षाबलों ने 26 फरवरी को कुलगाम में लश्कर-ए- तैयबा के आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर चार आतंकी मददगारों को गिरफ्तार किया था। इनके पास एक पिस्टल, चार ग्रेनेड, दो मैगजीन, 20 कारतूस, इंसास राइफल के 24 कारतूस के साथ अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है।
प्रदेश में आतंकवाद पर और तेज होगा पुलिस का प्रहार
आतंकवाद से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पुलिस और सेना के बीच तालमेल मजबूत किया जा रहा है। इसी कड़ी में सेना ने 108 पुलिस जवानों को ज्वाइंट काउंटर इंसर्जेंसी और काउंटर टेररिज्म रिफ्रेशर कोर्स में युद्धक तकनीकें सिखाई हैं।
यह प्रशिक्षण टाइगर डिवीजन की देखरेख में 7 से 18 अप्रैल तक चला। इसका लक्ष्य दोनों बलों के बीच समन्वय को मजबूत बनाकर ऑपरेशनल क्षमता को बढ़ाना था। मीरां साहिब ब्रिगेड ने पुलिसकर्मियों को आधुनिक आतंकवाद-रोधी तकनीकों से अवगत करवाया। जूनियर लीडरशिप को मजबूत करने पर जोर दिया गया ताकि वे छोटे ऑपरेशनों में प्रभावी नेतृत्व कर सकें। कोर्स में जवानों को पेट्रोलिंग, क्विक रिएक्शन टीम ऑपरेशन, मोबाइल व्हीकल चेक पोस्ट ड्रिल, घात लगाकर हमला और उससे बचाव, घेराबंदी, तलाशी अभियान व रूम इंटरवेंशन जैसी जटिल परिस्थितियों में काम करने की ट्रेनिंग दी गई है।
आधुनिक हथियारों के इस्तेमाल, हाई-टेक सर्विलांस उपकरणों, ड्रोन की पहचान और काउंटर-ड्रोन तकनीकों के संचालन की जानकारी भी दी गई। खुफिया जानकारी जुटाने और ऑपरेशन के दौरान घायलों को सुरक्षित निकालने की तकनीकों का अभ्यास कराया गया। ट्रेनिंग के दौरान कई मॉक ड्रिल और टेक्टिकल एक्सरसाइज से जवानों को जमीनी हालात का व्यावहारिक अनुभव दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, ऐसे संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम आतंकवाद के खिलाफ अभियानों को और प्रभावी बनाएंगे।