कश्मीर में कुदरत का कहर: शोपियां में बर्फीले तूफान...जबकि श्रीनगर में बिजली का करंट लगने से मरी दर्जनों भेड़ें
शोपियां में तेज बर्फीले तूफान की चपेट में आकर कई भेड़ों की मौत हो गई, जबकि श्रीनगर में करंट लगने से 10 से अधिक भेड़-बकरियां मारी गईं।
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दक्षिण कश्मीर के शोपियां ज़िले के ऊपरी इलाके में बर्फीले तूफान की चपेट में आने से कई भेड़ें मर गई जबकि मध्य कश्मीर के श्रीनगर ज़िले में बिजली का करंट लगने से कई भेड़ें मर गई। स्थानीय सूत्रों के अनुसार शनिवार तड़के शोपियां के मिनीमर्ग में रायनुएर के ऊंचे चरागाहों में आए एक भयंकर तूफान के कारण दर्जनों भेड़ों की मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि तूफान सुबह करीब 3 बजे आया, जिससे करीब 1,500 भेड़ों के झुंड में अफरा तफरी मच गई। चरागाह दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले के सेडो गांव से करीब 25 किलोमीटर दूर है।
मौसम साफ होने पर लापता भेड़ों के शव मिलने की उम्मीद
चरवाहे अब्दुल रशीद चोपन की बेटी मीरां ने कहा कि तूफान बहुत भयंकर था और भेड़ों में अफरा तफरी मच गई। मेरे पिता और चाचा बशीर अहमद अपने तंबू के अंदर थे और हवा बहुत तेज होने के कारण बाहर नहीं निकल सके।
जैसे ही हवाएं थोड़ी कम हुई दोनों चरवाहे नुकसान का आकलन करने के लिए बाहर निकले और पाया कि कम से कम एक दर्जन भेड़ें गायब हैं। उन्होंने कहा कि मौसम साफ होने पर शव मिलने की संभावना है। बता दें कि गर्मियों के दौरान चरवाहों द्वारा मौसमी चराई के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला खूबसूरत चरागाह, पशुधन पर निर्भर परिवारों की आजीविका के लिए महत्वपूर्ण है।
श्रीनगर में करंट से मरीं 10 भेड़-बकरियां
इस घटना ने चरवाहे समुदायों की असुरक्षा और क्षेत्र में आपातकालीन संचार की चुनौतियों को उजागर किया है।वहीं श्रीनगर में दो अलग-अलग घटनाओं में कम से कम 10 भेड़-बकरियों की बिजली करंट लगने से मौत हो गई, जिससे बहुचर्चित स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत बिछाए गए बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता और कश्मीर पावर डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड (केपीडीसीएल) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
पहली घटना में श्रीनगर के सोवरा इलाके में मस्जिद उस्मान के पास सात से अधिक भेड़-बकरियों की बिजली का झटका लगने से मौत हो गई। यह त्रासदी तब हुई जब पशुधन कथित तौर पर बिजली के खंभों की खराब अर्थिंग के कारण करंट लगने से मर गया।
इसी तरह की एक घटना में मोमिनाबाद बटमालू में मुख्य सड़क पर तीन और भेड़ों की बिजली का करंट लगने से मौत हो गई, जिससे सार्वजनिक सुरक्षा और बुनियादी ढांचे की लापरवाही को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं। दोनों क्षेत्रों के प्रत्यक्षदर्शियों और निवासियों ने स्मार्ट सिटी कार्यों के खराब निष्पादन और केपीडीसीएल द्वारा समन्वय की कमी को दोषी ठहराया। अधिकारियों पर सार्वजनिक खतरों के प्रति आंखें मूंदने का आरोप लगाया।